गोवा की राजनीति में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रही है. एक तरफ जहां गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर अपनी बीमारी के चलते अपना काम नहीं कर पा रहे हैं.
सीएम की मांग जोर शोर से उठाने लगा है. गोवा कांग्रेस ने इसी बाबत मंगलवार को मनोहर पर्रिकर के आवास तक मार्च निकाला और मांग की कि मनोहर पर्रिकर अपने पद से इस्तीफा दें. मार्च के दौरान विपक्ष ने मांग की कि अब समय आ गया है जब गोवा को एक पूर्णकालीन मुख्यमंत्री की जरूरत है. पीपुल्स मार्च फॉर रिस्टोरेशन ऑफ गवर्नेंस के बैनर तले लोगों ने करीब एक किमी तक मार्च किया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए पर्रिकर को 48 घंटे का "अल्टीमेटम" भी दिया.इस मार्च में कांग्रेस के अलावा राकांपा और शिवसेना के साथ अन्य दलों ने भी हिस्सा लिया. इस मार्च की पहल सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी संगठनों ने की थी. प्रदर्शनकारियों ने यह मांग की कि पर्रिकर (62) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें क्योंकि वह बीमार हैं. पुलिस ने प्रदर्शन को मुख्यमंत्री के निजी आवास से 100 मीटर पहले ही रोक दिया. डिप्टी कलेक्टर शशांक त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खराब स्वास्थ्य के चलते प्रदर्शनकारियों से मिलने से इनकार कर दिया. गौरतलब है कि विपक्षी पार्टियों का कहना है कि पार्रिकर के खराब स्वास्थ्य की वजह से कई अहम कामों पर असर पड़ रहा है. ऐसे में राज्य को एक पूर्णकालीन मुख्यमंत्री की जरूरत है.
मनोहर पर्रिकर की खराब सेहत के चलते बीच केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा था कि राज्य में ‘आज नहीं तो कल' नेतृत्व में बदलाव की जरूरत है. पर्रिकर पिछले कई महीनों से अपनी बीमारी का इलाज करा रहे हैं. वह दिल्ली के एम्स में भर्ती होने के बाद 14 अक्टूबर को राज्य में लौटे हैं.
सीएम की मांग जोर शोर से उठाने लगा है. गोवा कांग्रेस ने इसी बाबत मंगलवार को मनोहर पर्रिकर के आवास तक मार्च निकाला और मांग की कि मनोहर पर्रिकर अपने पद से इस्तीफा दें. मार्च के दौरान विपक्ष ने मांग की कि अब समय आ गया है जब गोवा को एक पूर्णकालीन मुख्यमंत्री की जरूरत है. पीपुल्स मार्च फॉर रिस्टोरेशन ऑफ गवर्नेंस के बैनर तले लोगों ने करीब एक किमी तक मार्च किया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए पर्रिकर को 48 घंटे का "अल्टीमेटम" भी दिया.इस मार्च में कांग्रेस के अलावा राकांपा और शिवसेना के साथ अन्य दलों ने भी हिस्सा लिया. इस मार्च की पहल सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी संगठनों ने की थी. प्रदर्शनकारियों ने यह मांग की कि पर्रिकर (62) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें क्योंकि वह बीमार हैं. पुलिस ने प्रदर्शन को मुख्यमंत्री के निजी आवास से 100 मीटर पहले ही रोक दिया. डिप्टी कलेक्टर शशांक त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खराब स्वास्थ्य के चलते प्रदर्शनकारियों से मिलने से इनकार कर दिया. गौरतलब है कि विपक्षी पार्टियों का कहना है कि पार्रिकर के खराब स्वास्थ्य की वजह से कई अहम कामों पर असर पड़ रहा है. ऐसे में राज्य को एक पूर्णकालीन मुख्यमंत्री की जरूरत है.
मनोहर पर्रिकर की खराब सेहत के चलते बीच केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा था कि राज्य में ‘आज नहीं तो कल' नेतृत्व में बदलाव की जरूरत है. पर्रिकर पिछले कई महीनों से अपनी बीमारी का इलाज करा रहे हैं. वह दिल्ली के एम्स में भर्ती होने के बाद 14 अक्टूबर को राज्य में लौटे हैं.

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