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Saturday, December 09, 2023

सनसनीखेज :- बच्चे के रोने से परेशान दादा ने पोते और बहु को काट डाला

Saturday, December 09, 2023 0

 यह एक दिल दहलाने और चौंकाने वाली घटना उत्तर प्रदेश के सीतापुर की है। क्रूर दादा के इस क्रूर कारवाई को समझना मुश्किल है। जब एक दादा अपने साथ रहने वाले 2 साल के पोते की धारदार हतियार से जान लेने का कदम उठा लेता है, तो यह एक भयानक और समवेदनशील समस्या को दरुस्त करता है।

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Sansanikhej :- bacche ke rone se pareshan dada ne pote aur bahu ko kaat dala

बच्चे के रोने पर इतनी बड़ी हदसात को देख कर बच्चे की माँ ने उसको बचाने के लिए कदम उठाया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई, घटना की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुँची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस घटना के बाद गाँव में सन्नाटा पसर गया।  यह घटना बताती  है कि कुछ लोग कितने ही उग्र हो सकते हैं। इस तरह की घटनाएं सामाजिक रूप से हमें यह याद दिलाती हैं कि मानसिक स्वास्थ्य का समर्पण करना कितना ज़रूरी है।

पुलिस का तुरंत आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया और जाँच शुरू कर दी है। यह भी सच है कि ऐसे व्यक्ति का मानसिक संतुलन ठीक नहीं होता, और ऐसे व्यक्तियों के प्रति समाज में जागरूकता और उनका समवेदनशील इलाज होना भी अवश्यक है।

इस घटना से हमारे समाज में मानसिक स्वास्थ्य की महत्वपूर्णता को समझाने की ज़रूरत है। लोगों को इस तरह के मामले में सकारात्मक जागरूकता बनाए रखना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं कम हो सकें और लोगों को सही समय पर सही मदद मिल सके।

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Friday, December 08, 2023

Kadak Singh Movie Review

Friday, December 08, 2023 0

"Kadak Singh" featuring Pankaj Tripathi and Parvathy Thiruvothu, dropped on ZEE5 on December 8, 2023. The film had an earlier debut at the 54th International Film Festival of India on November 22, 2023, adding a prestigious touch to its release. Notably, alongside the main stars, the cast includes Sanjana Sanghi and Jaya Ahsan, promising a stellar ensemble performance.

Movie

The movie's genre and tone have been kept under wraps, creating a sense of curiosity and excitement among the audience. The anticipation stems from the promise of a compelling storyline that touches upon relatable themes without revealing too much about the plot. Early reviews suggest positive vibes, especially applauding the standout performances of Pankaj Tripathi and Parvathy Thiruvothu.

For those keen on catching the film, ZEE5 is the exclusive platform. This ensures an easy and accessible streaming experience for viewers, allowing them to enjoy "Kadak Singh" at their convenience. To further engage the audience, there's an open invitation for viewers to share their thoughts and reactions on social media using specific hashtags. This not only adds a personal touch to the movie-watching experience but also fosters a sense of community among fans.

In essence, "Kadak Singh" appears to be more than just a movie release; it's an invitation for audiences to connect, share, and revel in the cinematic journey crafted by a talented cast and crew.

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Sunday, November 12, 2023

ईडी ने हीरो मोटोकॉर्प चेयरमैन पवन मुंजल के आवास में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की है; सेंसेक्स लाभ-बुकिंग पर लाल; और अधिक

Sunday, November 12, 2023 0

एक आश्चर्यजनक घटना के परिणामस्वरूप, हीरो ग्रुप के चेयरमैन पवन मुंजल ने खुद को एक महत्वपूर्ण कानूनी विवाद में पाया है, जो मनी लॉन्ड्रिंग केस से संबंधित है। आयकर विभाग ने रिपोर्टेडली ₹24.95 करोड़ की संपत्ति को जब्त किया है, जो इस प्रमुख व्यापारिक व्यक्ति के वित्तीय लेन-देन के बारे में सवाल उठाता है। 

हीरो ग्रुप, पवन मुंजल के नेतृत्व में, भारतीय व्यापार परिदृश्य का एक कोना रहा है, विशेषकर ऑटोमोटिव सेक्टर में। हाल के घटनाक्रमों ने इस व्यापार और इसके नेता के अन्यथा प्रतिष्ठानुयायी प्रतिष्ठा पर एक छाया डाली है। मनी लॉन्ड्रिंग केस, जिसमें एक महत्वपूर्ण राशि शामिल है, ने आयकर विभाग को क्रियाशील किया है, पवन मुंजल के वित्तीय कार्यों की जाँच करते हुए।

आयकर विभाग द्वारा जब्त की गई ₹24.95 करोड़ की संपत्तियाँ, मामले की जटिलता का विविध चित्र दिखाती हैं। सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में प्रधान रूप से प्रमुख रियल एस्टेट, उच्च मूल्य के निवेश, और अन्य वित्तीय यांत्रिक समाहित हैं। यह विकसिती के बारे में और इन संपत्तियों के लिए आरोपित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों से जुड़ी पूरी जानकारी की तलाश में जनता और व्यापार समुदाय रुचि रख रहे हैं।

आयकर विभाग की जाँच की जाएगी, जिसे पवन मुंजल के वित्तीय लेन-देन और व्यापारिक संबंधों की जटिलता का सामना करना होगा। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप सुझाव देते हैं कि फंड्स और संपत्तियों के वास्तविक मूल को छुपाने का एक व्यवस्थित प्रयास है। जबकि कानूनी प्रक्रियाएँ बढ़ती हैं, लोगों और व्यापार समुदाय को आगामी दिनों में आरोपों की विस्तृत जानकारी पर और भी ज्यादा जानकारी होने का इंतजार है।

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Sunday, January 08, 2023

Sunday, January 08, 2023 0

  

    NETWORK

Technology        GSM / HSPA / LTE / 5G

2G bands           GSM 850 / 900 / 1800 / 1900

3G bands             HSDPA 850 / 1700(AWS) / 1900 / 2100

4G bands            LTE

5G bands            Sub6/mmWave

Speed                  HSPA, LTE, 5G  

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Thursday, September 02, 2021

सिद्धार्थ शुक्ला की मौत से शहनाज गिल और उनके चाहने वालो का बुरा हाल

Thursday, September 02, 2021 0

सिद्धार्थ शुक्ला की मौत से शहनाज गिल और उनके चाहने वालो का बुरा हाल

Shahnaz Gill and his fans are in bad condition due to the death of SIDDHARTH SHUKLA

सिद्धार्थ शुक्ला की मौत की खबर सुनकर शहनाज गिल फूट फूटकर रोने लगीं वो अपनी चलती शूटिंग को छोड़कर सबसे पहले उनके घर उनके माँ के पास पहुंची और उनके दुख में शामिल हुईं सुनने में तो ये भी आया है,

 कि वो सिद्धार्थ शुक्ला के निधन की खबर सुनकर बेहोश हो गयी | सिद्धार्थ शुक्ल के निधन से सिर्फ शहनाज गिल को ही नहीं पूरे भारत में उनके सभी फैन्स को बहुत बड़ा धक्का लगा है |

 इसके अलावा सना खान भी उनकी मौत की खबर सुनकर बहुत ज्यादा रोती हुई दिखाई दीं | सिद्धार्थ शुक्ला बिग बॉस सीज़न 13 के बाद से बहुत ज्यादा अपने सभी फैंस के दिलों पर छा गए थे

 इसके अलावा इनको उनके करियर में मिलनेवाली पहली बड़ी उपलब्धि बालिका वधू से मिली थी | कहा जा रहा है कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक के कारण हुई उन्होंने एक रात पहले कुछ गोलियां ली थी 

जिसके बाद ये अगली सुबह उठ नहीं पाए घरवालों द्वारा अस्पताल ले जाने पर इनको मृत घोषित कर दिया गया लेकिन अभी भी इनकी बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है जिससे इनके मौत का सही कारण पता लगाया जा सके, 

भगवान उनकी आत्मा को शांति दे उनके सभी फैंस की यही दुआ है |

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Sunday, October 04, 2020

FACULTY DEVELOPMENT PROGRAM HELD AT IPEC ON INNOVATION MANAGEMENT

Sunday, October 04, 2020 0
विगत सप्ताह जनपद के इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में 26 सितंबर से 30 सितंबर तक इनोवेशन प्रबंधन विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन आयोजन ईडीसी आईपेक के तत्वाधान में किया गया जिसका शुभारंभ डॉ. मोहित गंभीर, इनोवेशन डायरेक्टर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, डॉ. बी.सी. शर्मा डायरेक्टर आईपैक, डॉ मुकेश मोहनिया डीन इनोवेशन एंड रिसर्च सेल,ट्रिपल आईटी दिल्ली श्रीमती प्रियंका डी. गुप्ता, प्रमुख इडीसी ,आइपेक आदि ने किया ।


 जिसमें डॉक्टर मोहनिया ने इनोवेशन की महत्ता, श्री बोहितेश मिश्रा ने तकनीकी इनोवेशन ,श्री गोविंद शर्मा ने बौद्धिक संपदा अधिकार ,श्री दीपक साहू ने इनोवेशन स्ट्रेटजी , डॉ संजय धीर ने कोलैबोरेशन तथा नेटवर्क, डॉ राजकुमार सिंह ने प्रबंधन तथा अनुसंधान एवं विकास ,डॉ लक्ष्मी मीरा ने प्रोडक्ट तथा सर्विस प्रबंधन, श्री संतोष गुप्ता ने कैपचरिंग वैल्यू फ्रॉम इनोवेशन, श्री मुथु सिंगाराम ने इनोवेशन इन ऑपरेशंस एंड प्रोसेस, श्री विपिन कुमार ने अपॉर्चुनिटी इन कमर्शियल ऑपरेशंस ऑफ इनोवेशन ,तकनीकी इनोवेशन के प्रबंधन प्रवीण पचौरी ने 

तकनीकी में इनोवेशन की महत्ता तथा श्री गजेंद्र सिंह ने मानसिक और भावनात्मक विकास, स्ट्रेस मैनेजमेंट तथा ह्यूमन वैल्यूज पर बात की तथा कोविड-19 के दौर में रोजगार के अवसर सृजित करने पर भी बात हुई कार्यक्रम में ग्रोथ ऑफ इनोवेशन, वोकल फॉर लोकल और स्टार्टअप जैसे मुद्दों पर बात हुई सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और विचारों का आदान प्रदान किया गया जिसमें 150 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे ।इसकी समन्वयक श्री प्रियंका डी. गुप्ता जी और प्रबंधक श्री मुकुल जैन जी रहे ,छात्र समन्वयक पुनीत सैनी और प्रफुल्ल भट्ट रहे।


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Wednesday, July 22, 2020

Corona made Indian Education system really sick

Wednesday, July 22, 2020 0
कोरोना से बीमार हुआ शिक्षा तंत्र 
(Corona made Indian Education system really sick)

अब इसे मज़बूरी समझा जाए या बीमारी हर कोई इस कोरोनावायरस से परेशान नजर आ रहा है अब चाहे वो ठिकाना तलाश रहे प्रवासी मजदूर हों या फिर अपने वतन लौटने को तरस रहे अप्रवासी भारतीय, चाहे वो हालात से जूझती सरकार हो या मुद्दे की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंकता विपक्ष । परेशान दुनिया का हर छोटा बड़ा देश , देश का हर छोटा बड़ा तबका है । इन्हीं में से एक तबका ऐसा ही है जो इस देश की सबसे बड़ी समस्या से लड़ रहा है और वो तबका है हीलाहवाली के शिकार शिक्षा तंत्र (Education System) से परेशान इस देश का विद्यार्थी वर्ग । 

औपचारिकता किस हद तक बढ़ गई है इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिनों पहले परीक्षा को जान से ज्यादा कीमती बताने वाले एक सम्माननीय यूनिवर्सिटी के उप कुलपति बाद में  छात्रों से कहते हैं की जैसे आप हैं वैसे हम , हमें परीक्षा के बारे में कुछ नहीं पता ।

रोज़ सुबह अखबार में एक तरफ खबरें आती है कि इतने नए संक्रमित इतनी मौतें और साथ में एक खबर और कि परीक्षा(Examinations) कराने पर विचार कर रहा यूजीसी(U.G.C)। खबर प्रकाशित होते ही आग जैसी लग गई , आग लगना भी जायज थी ! कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति जिम्मेवारी लेने से कतरा रहा था । जहां एक तरफ कुछ शीर्ष विदेशी शिक्षा संस्थान जैसे हार्वर्ड (Hayward), ऑक्सफोर्ड(Oxford)तथा मिशिगन(Mishigun University) विश्वविद्यालय जहां  ऑनलाइन कोर्सेज फ्री कर रहे थे वहां दूसरी तरफ हिंदुस्तान के अखबारों में खबरें आ रही थीं कि हर हाल में होगी परीक्षा । डर परीक्षा का नहीं था डर फेल होने का भी नहीं था डर इस बात का था कि हमारी जान का क्या होगा ? ट्विटर(twitter) पर हर रोज़ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे ! हर रोज़ #noexamsincovid #promotestudents जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे ।हर रोज़ डीएम(D.M.)से लेकर सीएम(C.M.) तक ज्ञापन सौंपे जा रहे थे पर कोई भी शीर्ष अधिकारी बयान देने तक से कतरा रहा था ।

मुहिम तेज हुई तो देश के एक आधार स्तंभ यानि देश की मीडिया ने मामला संज्ञान में लिया और बात आगे पहुंचाई। और आखिर कार यूजीसी यानी कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grant Commission) ने फैसला लिया कि अंतिम वर्ष के अलावा सभी की परीक्षाएं रद्द होंगी । यह विजय थी छात्रों की यह विजय थी लाचारी पर न्याय की यह विजय थी शिक्षा कि परंतु यह बात अब भी विचारणीय है और जायज भी कि कब तक भारत का शिक्षा तंत्र इसी तरह लाचार रहेगा ?  कबतक भारत में हर हर छात्र मौलिक समस्याओं का शिकार रहेगा ? कब तक देश में काग़ज़ी परीक्षाएं छात्रों का भविष्य निर्धारित करेंगी ? आखिर कब तक?

लेखक - प्रफुल्ल भट्ट । (Prafull Bhatt)
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Sunday, June 21, 2020

21 जून 2020 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 June 2020 International Yoga Day

Sunday, June 21, 2020 1
21 जून 2020 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 June 2020 International Yoga Day)
योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द "यूज़" से हुआ है जिसका अर्थ "एकता या बांधना" है। योग द्वारा शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है। लगभग 5000 वर्ष पूर्व योग भारत से बौद्ध धर्म के साथ चीन, जापान, तिब्बत, दक्षिण पूर्व एशिया और श्रीलंका में पहुँचा ।
Instagram - @yog_tapasya 
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत- (Starting of International Yoga Day)
27 सितंबर 2014 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा(U.N. Assembly) में योग की महत्वता को बताते हुए एक साथ योग करने की बात रखी थी। तत्पश्चात 11 दिसंबर 2014 को 193 संदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने संयुक्त राज्य अमेरिका(U.S.A.) सहित 177 से अधिक देशों के समर्थन के साथ 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस(International Yoga Day) के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी प्रस्ताव को इतना ज्यादा समर्थन मिला था । इसके बाद 21 जून 2015 को पहली बार योग दिवस पूरे विश्व में मनाया गया ।

21 जून को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस -(Why 21 June is celebrated as International Yoga Day)
उत्तरी गोलार्ध में 21 जून सबसे लंबा दिन होता है, साथ ही भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है जिससे यह दिन बहुत लाभकारी होता है। 

भारत में योग का इतिहास - (Yoga History in Bharat)
शुरू से ही योग भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है । पौराणिक ग्रंथों के अनुसार विश्व के पहले महायोगी भगवान शिव(Lord Shiva) है जो सदैव पद्मासन में बैठकर समाधि में लीन रहते हैं । भगवत गीता में भी योग का वर्णन मिलता है। भागवत गीता में तीन प्रकार के योग का उल्लेख मिलता है - कर्म योग ,भक्ति योग और ज्ञान योग।
वर्तमान योग दर्शन के महर्षि पतंजलि (Maharishi Patanjali) संस्थापक है। महर्षि पतंजलि ने योग के आठ अंग बताया है - यम(Yama), नियम(Niyama), आसन (Asana), प्राणायाम(Pranayaam), प्रत्यहार (Pratyahaar), धारणा (Dhaarna), ध्यान(Dhyaan) एंव समाधि (Samadhi)
19वीं शताब्दी के अंत में स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति एवं योग का परिचय पश्चिमी देशों से कराया । वर्तमान में भारत में बाबा रामदेव, श्री श्री रविशंकर, सद्गुरु, बीके शिवानी आदि योग करके स्वस्थ एवं तनाव मुक्त जीवन किस प्रकार से जिया जाए यह ज्ञान संपूर्ण विश्व को बता रहे हैं।

Prachi Bali (Yoga practitioner)
Instagram  - @yog_tapasya 


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Sunday, June 14, 2020

14 जून विश्व रक्तदान दिवस रक्तदान महादान

Sunday, June 14, 2020 3
14 जून विश्व रक्तदान दिवस रक्तदान महादान
14 June-World Blood Donation Day-Blood Donation


14 जून को विश्व रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने पर रक्तदान कर सकता है। 
"आपका रक्तदान किसी को जीवनदान दे सकता है और आपको किसी का जीवन बचाने की संतुष्टि।"

आइये जानते हैं कि विश्व रक्तदान दिवस की शुरुआत कैसे हुई और समझते हैं इससे संबंधित कुछ भ्रांतियाँ :- 

कार्ल लैंडस्टीनर वैज्ञानिक (Karl Landsteiner Scientist)के जन्मदिन के दिन हम विश्व रक्तदान दिवस मनाते हैं। उनका जन्म 14 जून 1868 को ऑस्ट्रिया - Austria में हुआ था। उन्होंने पता लगाया था कि एक व्यक्ति का खून बिना जांच के दूसरे को नहीं चढ़ाया जा सकता क्योंकि सभी मनुष्य का ब्लड ग्रुप (Blood Group) अलग होता है। प्रत्येक व्यक्ति के रक्त में मिलने वाले एक अहम तत्व आरएच फैक्टर (Element RH factor) की खोज की। इसके लिए उन्हें 1930 में नोबल पुरस्कार (Nobel Prize)से सम्मानित किया गया। 

आइये जानते हैं भारत में सबसे ज्यादा बारी रक्तदान करने वाले वल्लभाचार्य पांडेय जी 
(Vallabhacharya Pandey Ji) के बारे में। 

वल्लभाचार्य पांडेय जी ने अब तक 81 बार रक्तदान किया है। 1989 में प्रयागराज मे एक बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था। उस दौरान घायलों को बचाने के लिए रेलवे की तरफ से रक्तदान की सिफारिश की गई थी। तब उन्होंने पहली बार रक्तदान किया था। इसके बाद से वह रेग्युलर रक्तदान कर रहे हैं और दूसरों को भी रक्तदान के लिए जागरूक कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उनका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी  ( Prime Minister Narendra Modi ji) जब भी बनारस आते तब रक्तदान शिविर होती हैं और पांडेय जी रक्तदान करते हैं। 

रक्तदान से संबंधित कुछ भ्रांतियाँ:-
Some misconceptions related to blood donation: -

1.रक्तदान दुबले लोग नहीं कर सकते। यह सच नहीं है दुबले लोग रक्तदान कर सकते हैं। बस रक्तदान करने के लिए न्यूनतम वजन 50 किलोग्राम होना चाहिए ।
2. महिलाएं रक्तदान नहीं कर सकती हैं। यह बिल्कुल भी सच नहीं है। रक्तदान करने से पहले हीमोग्लोबिन की जांच होती है, जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है, वह रक्तदान नहीं कर सकती। 
बाकी सभी महिलाएं रक्तदान कर सकती हैं।
3. रक्तदान करने से तकलीफ होता है। यह सच नहीं है। रक्तदान बिल्कुल आसान प्रक्रिया है। रक्त लेने के लिए बस एक छोटा सा इंजेक्शन आपकी बाहों में इंजेक्ट किया जाता है, इसका आपको एहसास में नहीं होता है।
4. शाकाहारी लोगों के लिए रक्तदान करना सही नहीं है। धारणा है की मीट खाने वालों को भरपूर आयरन मिलता है लेकिन शाकाहारी लोग भी भरपूर आयरन वाला भोजन कर रक्तदान कर सकते हैं।
5. हमारे शरीर में रक्त सीमित है खून देना सही नहीं। यह तथ्य गलत है हमारी बॉडी में स्टीम सेल्स टूटकर खून के कई घटक बनाते रहते हैं यह सेल्स लगातार बनते हैं क्योंकि यह कुछ घंटों से लेकर 12 दिनों में खत्म हो जाते हैं। 

"Donate your blood for a reason, let the reason to be life."
उम्मीद है कि आप रक्तदान के महत्व को समझेंगे और बराबर रक्तदान करेंगे।

लेखक ~ आकाश मिश्रा
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Tuesday, June 09, 2020

राज्यपाल ने बदला केजरीवाल का फैसला, दिल्ली में होगा अब सबका इलाज

Tuesday, June 09, 2020 4
राज्यपाल ने बदला केजरीवाल का फैसला, दिल्ली में होगा अब सबका इलाज
( Governor changes Kejriwal is decision now everyone will be treated in Delhi )

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अभी हाल ही में प्रवासी और गैर राज्यों से गए और दिल्ली में रह रहे लोगों की जान की कोई परवाह न करते हुए बयान जारी किया था कि दिल्ली में सिर्फ उन्हीं लोगों इलाज और परीक्षण किया जाएगा जो मूल रूप से दिल्ली के निवासी हैं । दिल्ली सरकार के इस फैसले पर केजरीवाल सीधे आलोचकों(critics) के निशाने पर आ गए थे और उन्हें सोशल मीडिया(social media) पर बुरी तरह ट्रोल(troll) किया जा रहा था जो की जायज़ भी है! एक प्रवासी मजदूर या एक गैर दिल्ली वासी जो कि दिल्ली में रहता है क्या उसे हक नहीं की उसे भी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएं ? क्या ये समनता के अधिकार(right of equality) के खिलाफ नहीं है ? इस मौके पर केजरीवाल की ही कुछ पंक्तियां याद आती हैं 
अब ये समानता कहां गई ? अब ये भाईचारा कहां गया ? सबको बस मुद्दे की राजनीति करनी है और अपना वोटबैंक(vote-bank) मजबूत करना है बेचारे प्रवासी और गैर दिल्ली वासियों का वोट इनके किस काम का ? 
पर दिल्ली के राज्यपाल(governor) श्री अनिल बैजल(Sri Anil Baijal) ने केजरी का फैसला बदल कर तारीफ योग्य काम किया है और दिल्ली सरकार को काफी हद तक बचाया भी है । श्री बैजल के अनुसार हम किसी को इलाज या जांच से रोक नहीं सकते ये समानता के खिलाफ है दिल्ली सबकी है तो इलाज भी सबका किया जाएगा और परीक्षण(test) भी । हालांकि मुख्यमंत्री जी की कोरोनावायरस(Covid-19) की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद यह तो स्पष्ट हो गया है कि न तो वे प्रवासी हैं और न ही किसी अन्य राज्य के वरना उन्हें भी किसी अस्पताल से यह कहकर भगा दिया जाता कि आप दिल्ली के नहीं हैं। खैर ! ईश्वर चिरंजीवी केजरीवाल जी को उम्र के साथ साथ थोड़ी सद्बुद्धि दे और कोरोनावायरस से बचाए ।

लेखक - प्रफुल्ल भट्ट ।
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