Saturday, July 14, 2018

एक पर एक फ्री और डिस्काउंट ऑफर्स पर GST की तैयारी !

केंद्र की मोदी सरकार अब डिस्काउंट और फ्री ऑफर्स पर भी जीएसटी लगाने की तैयारी में है. माना जा राह है कि कंज्यूमर गुड्स की सेल में मिलने वाले बाय वन-गेट वन ऑफर पर GST (गुडस एंड सर्विस टैक्स) लगाया जा सकता हैं. सीएनबीसी आवाज को सूत्रों के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक वित्त मंत्रालय जल्द ही कंपनियों के साथ मिलकर, इस प्रस्ताव पर चर्चा करने वाला है. आपको बता दें कि फ्री, ऑफर पर कंपनियां इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी क्लेम करती हैं. सरकार अब आईटीसी लेने पर जीएसटी वसूलना चाहती है. आईटीसी के बावजूद जीएसटी ना मिलने से सरकार को नुकसान होता है.  सीजीएसटी एक्ट के सेक्शन 17-5-एच में फ्री सैंपल, गिफ्ट पर आईटीसी ना देने का प्रावधान  है .

अब आगे क्या
>> सरकार इस बारे में जल्द कंपनियों को प्रस्ताव भेजेगी जिसमें फ्री सैंपल, गिफ्ट आईटीसी वापस मिले या जीएसटी लगाने का प्रावधान होगा.
>> वित्त मंत्रालय इस मुद्दे पर कंपनियों की बैठक बुलाएगा. मीटिंग के बाद इस पर नोटिफिकेशन जारी होगा.
>> इस प्रस्ताव के लागू होने पर कंपनियां जीएसटी खुद देंगी या फिर कंज्यूमर से वसूलेगी. दवा कंपनियों के लिए इसर तरह का आदेश पहले ही जारी है.

21 जुलाई को जीएसटी काउंसिल की बैठक-जीएसटी काउंसिल की 21 जुलाई को होने वाली बैठक में कुछ वस्तुओं पर टैक्स की दरें घटाईं जा सकती हैं. ज्यादातर ऐसी वस्तुओं पर दर में कटौती की जा सकती है जिनका राजस्व प्राप्ति पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  हस्तशिल्प और हथकरघा सामान, नैपकिन तथा कुछ अन्य सेवाओं पर टैक्स में कटौती हो सकती हैं.

Tuesday, July 10, 2018

बीएसएनएल लाया 20 जीबी प्रतिदिन ब्रॉडबैंड प्लान, इंटेरनेट टेलीफोनी सेवा “विंग्स” की शुरुआत

ऐसे दौर में जहाँ निजी दूरसंचार कंपनियां भारत में इंटरनेट टेलीफोनी का नेतृत्व करने के लिए एक दूसरे को कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रही हैं, वहीं सरकार के स्वामित्व वाले बीएसएनएल (BSNL) ने अपने इंटरनेट कॉलिंग उत्पाद के सॉफ्ट लॉन्च के साथ बाजार में एक मजबूत पकड़ बनाने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। ऐसे समय में जब वोडाफोन (Vodafone), एयरटेल (Airtel) और जिओ (Jio) जैसे निजी खिलाड़ी पहले से ही इस सेवा का परीक्षण कर रहे हैं, वहीँ देश के सबसे पुराने टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा उठाया गया यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम बीएसएनएल को भी मदद करेगा जो 2020 तक पूरे भारत में 5G रोलआउट की योजना बना रहा है।

कंपनी ने भारत में अपनी पहली इंटरनेट टेलीफोनी सेवा, विंग्स (Wings) के सॉफ्ट लॉन्च की घोषणा की है। यह सेवा उपयोगकर्ताओं को मोबाइल उपकरण पर लैंडलाइन लगाने में सक्षम बनाती है (जिससे वह मोबाइल बन जाए), और इसके बाद वो मोबाइल हैंडसेट की सभी सुविधा जैसे पता पुस्तिका, कॉन्फ़्रेंस कॉल इत्यादि का उपयोग कर सकते हैं।

विंग्स की यह पेशकश पूरी तरफ से 1 अगस्त से शुरू की जाएगी। ग्राहकों को ब्रॉडबैंड, वाई-फाई, 4G, या 3G इंटरनेट का उपयोग करके कॉल करने और प्राप्त करने के लिए 1,099 रुपये का एक बार पंजीकरण शुल्क देना होगा। वीडियो कॉलिंग केवल विंग्स-टू-विंग्स कॉल के लिए समर्थित है।

कॉल करने के लिए, ग्राहकों को एप खोलना होगा और एप के माध्यम से अपनी फोन एड्रेस बुक से नंबर डायल करना होगा। यह एप इंटरनेट वाले स्मार्ट डिवाइस (जैसे लैपटॉप/स्मार्ट मोबाइल हैंडसेट/टैबलेट) पर भी कॉन्फ़िगर करने योग्य होगी।

इसके अलावा, बीएसएनएल ने प्रति दिन 20 जीबी डेटा ऑफर के साथ लैंडलाइन ब्रॉडबैंड की घोषणा भी की है। उसके द्वारा हर दिन 20 एमबीपीएस पर 20 जीबी डेटा पेश किया जाएगा। ग्राहकों को किसी भी नेटवर्क पर असीमित वॉइस कॉल करने की अनुमति भी दी जाएगी।

ट्विटर पर इस योजना की घोषणा करते समय बीएसएनएल बोर्ड के निदेशक (सीएफए) एनके मेहता ने कहा कि 491 रुपये की योजना अब उनके ग्राहक सेवा केंद्रों, फ्रेंचाइजी और खुदरा विक्रेताओं के पास उपलब्ध है।

यह घोषणा, भारत में इंटरनेट टेलीफोनी की शुरुआत करने हेतु दूरसंचार विभाग (डीओटी) को ट्राई द्वारा दी गयी सिफारिशों के बाद हुई है।

गौरतलब है कि, ट्राई द्वारा तैयार नियम केवल अधिकृत लाइसेंस प्राप्त धारकों को पूर्ण इंटरनेट टेलीफोनी प्रदान करने की अनुमति देता है (पर व्हाट्सएप और गूगल डुओ जैसे शीर्ष खिलाड़ियों को नहीं, जो केवल ऐप-टू-एप कॉलिंग की अनुमति देते हैं)।

वर्तमान में इंटरनेट टेलीफोनी, केवल सिम कार्ड वाले उपकरणों और कॉमन एप्स के बीच ही संभव है। उपयोगकर्ता एप टू एप कॉल कर सकते हैं लेकिन एप से लैंडलाइन या एप से मोबाइल (दूरसंचार ऑपरेटरों के रूप में) कॉल नहीं कर सकते हैं।

चूंकि यह सेवा ओटीटी खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देगी, इसलिए वे क्रॉस मोबाइल टेलीफोनी विकल्प प्रदान करने के लिए सरकार के साथ एक दूसरे से जुड़े समझौते की तलाश कर सकते हैं।