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15.12.18

मुकेश अंबानी जल्द लॉन्च कर सकते है जियो के सस्ते स्मार्टफोन

4:30 PM 0
मुकेश अंबानी जल्द लॉन्च कर सकते है जियो के सस्ते स्मार्टफोन|
रिलायंस जियो इंफोकॉम अमेरिकी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फ्लेक्स से 10 करोड़ मोबाइल फोन निर्माण में लगी है। मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी मार्केट में तेजी में बनाई अपनी बढ़त को कायम रखना चाहती है।इसलिए वे सकते स्मार्टफोन की तैयारी में है । ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया जियो एडवांस में बड़ी मात्रा में फोन के ऑर्डर के लिए बातचीत कर रही है।
इस मामले ईटी के सवालों का जवाब फ्लेक्स और जियो दोनों में से किसी ने नहीं दिया है। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि फ्लेक्स वर्तमान में हर महीने 40 लाख से 50 लाख डिवाइस का निर्माण करती है|
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि सरकार एसईजेड में बने प्रोडक्ट्स को डीटीए में बिना किसी ड्यूटी के बेचने के क्षेत्र में कोई कदम उठाती है, तो इन प्रोडक्ट्स की कीमत बहुत कम हो जाएगी। इससे पहली बार स्मार्टफोन खरीद रहे उपभोक्ता आकर्षित होंगे।
जियो हमेशा की तरह पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वाले लोगों को टार्गेट करने की कोशिश में लगी है। भारत के 50 करोड़ फीचर फोन घरक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यदि ये स्थिति ऐसी ही बनी रही तो जियो जल्द ही मार्केट में सबसे दिग्गज हो जाएगी। कंपनी 2021 तक मार्केट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेगी ये जिओ कंपनी|
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कमलनाथ बोले सरकार बनाते ही करेंगे सारे वादे पूरे

4:14 PM 0
कमलनाथ बोले सरकार बनाते ही करेंगे सारे वादे पूरे .
मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि सरकार का गठन होने के 10 दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ जो जाएगा। प्रदेश में हर वर्ग परेशान है, किसान आक्रोशित हैं। युवाओं को रोजगार न मिलने से वे भी पसेशन है। हमारी पहली प्राथमिकता प्रदेश में विश्वास का वातावरण पैदा करना है, जिससे नया निवेश आएगा। इन सभी चुनौतियों का हम मुकाबला करेंगे और प्रदेश की जनता को एक पारदर्शी प्रशासन देंगे।एक इंटरव्यू में बोले कमलनाथ.
सवाल :-भाजपा कर्जमाफी को लेकर आपको कठघरे में खड़ा कर रही है। क्या 10 दिन में कर्ज माफ कर           देंगे। यह टाइम लाइन कब से शुरू होगी
जवाब :- सरकार का गठन होने दें। वचन पत्र में 10 दिन के भीतर कर्जमाफी की जो बात कही है, उसे               पूरा करेंगे।
सवाल :- आपका मंत्रिमंडल कैसा होगा, कितने सदस्य होंगे
जवाब :- सभी से बातचीत कर रहे हैं। अभी मंत्रिमंडल का आकार तय नहीं हुआ है। कितने मंत्री शपथ                लेंगे यह भी अभी तय नहीं हुआ है। मंत्रिमंडल का गठन सभी से चर्चा के बाद होगा।
सवाल :- प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रदेश पर दो लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। ऐसे में                  किसानों का कर्ज माफ करना बड़ी चुनौती है। इसका हल कैसे निकालेंगे
जवाब :- प्रदेश की आर्थिक स्थिति की समीक्षा कर उसका हल निकालेंगे। किसानों की कर्जमाफी और                 अन्य योजनाओं में धन की कमी नहीं आने नहीं दी जाएगी।
सवाल :- सीएम बनने के बाद आपकी प्राथमिकता क्या होगी
जवाब :- हम सभी के साथ बैठकर तय करेंगे कि प्रशासन में पूरी तरह से ईमानदारी हो। यह व्यवस्था लागू            करने में सभी से सहयोग की अपेक्षा करेंगे।
जवाब :- मेरे और ज्योतिरादित्य के बीच कभी भी पद को लेकर कोई विवाद की स्थिति नहीं थी। नेता                   चयन का फैसला पार्टी आलाकमान द्वारा लिए जाने की परंपरा है, बस उसका निर्वहन हुआ।                 मध्य प्रदेश में चुनाव के पहले भी सभी नेता एकसाथ थे और आज आगे भी एक साथ रहेंगे.
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मोटापे से परेशान है तो खाए ये चीज़,होगा वजन कम

3:58 PM 0
मोटापे से परेशान है तो खाए ये चीज़,होगा वजन कम.
मोटापे से पीड़ित लोग वजन कम करने के लिए पता नहीं क्या-क्या करते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि आप मिट्टी खाकर भी अपना वजन कम कर सकते हैं.आपको ये जानकर हैरानी होगी और आप सोच रहे होंगे कि आखिर कोई मिट्टी कैसे खा सकता है और इसे खाने से वजन कैसे कम हो सकता है, तो बता दें, इस बात की पुष्टि हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में की गई है.स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि डिनर के साथ एक खास तरह की मिट्टी खाने से मोटापे को कंट्रोल किया जा सकता है. जो शरीर में जमी चर्बी बाहर निकल जाती है.ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन मोटे चूहों ने एक खास तरह की मिट्टी खाई, ऐसे चूहों का उन चूहों के मुकाबले ज्यादा वजन कम हुआ, जिन्होंने वजन कम करने वाली दवाइयां खाई थीं.कई संस्कृति में कुछ लोगों में मिट्टी खाने की इच्छा होती थी. इसके अलावा कई गर्भवती महिलाओं और बच्चों में भी मिट्टी खाने की आदत देखी जाती है, जिसको जोफञ कहते हैं.स्टडी की रिपोर्ट के अनुसार कई संस्कृति के लोग मिट्टी खाते हैं, जिसमें U.S भी शामिल है. हालांकि, दक्षिण अमेरिका में मिट्टी खाना बहुत आम बात है. साल 2015 में इसपर एक डोक्युमेंट्री फिल्म 'ईट व्हाइट डर्ट' के नाम से भी बनाई गई थी. इस फिल्म में दक्षिण अमेरिका के लोगों में kaolin एक तरह की सफेद रंग की मिट्टी होती है.
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उपेंद्र कुशवाहा को लगा तगड़ा झटका राष्ट्रीय लोक समता पार्टी दो भागों में बंटी

3:44 PM 0
उपेंद्र कुशवाहा को लगा तगड़ा झटका राष्ट्रीय लोक समता पार्टी दो भागों में बंटी.
एनडीए से नाता तोड़ने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका लगा है. उनकी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी दो टुकड़ों में बंट गई. बिहार में रालोसपा के सभी दो विधायकों और इकलौते विधान पार्षद ने राजग के साथ रहने की घोषणा करते हुए रालोसपा पर खुद दावा ठोंक दिया है. इन नेताओं ने खुद को असली रालोसपा का नेता बताते हुए अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर व्यक्तिगत राजनीति करने का आरोप भी लगाया. इस प्रकार उपेंद्र कुशवाहा अपने ही दांव में फंसते नजर आ रहे है.पटना में रालोसपा के दोनों विधायकों सुधांशु शेखर और ललन पासवान तथा विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित की. इस दौरान उन्होंने राजग में ही रहने की घोषणा करते हुए कहा कि वे राजग में थे और आगे भी राजग में ही रहेंगे. उन्होंने कहा कि रालोसपा राजग से कभी अलग हुई ही नहीं है. कुछ दिन पूर्व रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने राजग में सम्मान नहीं मिलने के कारण राजग से रालोसपा के अलग होने की घोषणा की थी. कहा जाता है कि लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कुशवाहा राजग से नाराज थे.बिहार विधान मंडल में रालोसपा के तीनों सदस्य राजग के साथ हैं और आगे भी राजग के साथ रहेंगे. उन्होंने राजग नेतृत्व पर सवाल खड़ा करते हुए राजग नेतृत्व से भागीदारी के हिसाब से हिस्सेदारी की भी मांग की. उन्होंने यह कहा है कि राजग उन्हें सरकार में प्रतिनिधित्व दे या नहीं दे परंतु वे राजग को मजबूत करने के लिए वे काम करते रहेंगे.
इन तीनों नेताओं ने रालोसपा का दावा ठोंकते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो वे लोग निर्वाचन आयोग से मिलकर अपनी बात रखेंगे. अधिकांश कार्यकर्ता भी उनके साथ हैं उनके पक्ष में है. उपेंद्र कुशवाहा पर व्यक्तिवादी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए इन नेताओं ने कहा कि वे केवल अपने लाभ की बात करते हैें। उन्हें न तो पार्टी से मतलब है और ना ही बिहार से मतलब है.
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पाकिस्तान हुआ कंगाल,देश चलाने के लिए बचे हैं सिर्फ 1.5 महीने का विदेशी कैश रिजर्व

3:05 PM 0
 पाकिस्तान हुआ कंगाल,देश चलाने के लिए बचे हैं सिर्फ 1.5 महीने का विदेशी कैश रिजर्व.
दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसी फिच ने पाकिस्तान की रेटिंग को घटा दिया है. रेटिंग B से घटाकर B- कर दी है. रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि पाकिस्तान के पास सिर्फ 1.5 महीने का विदेशी कैश रिजर्व है. नकदी की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ही नहीं वहां के लोग भी टेंशन में आ सकते है. रेटिंग घटने से पाकिस्तान में विदेशी निवेश घट जाएगा. लिहाजा वहां की करेंसी रुपये में तेजी गिरावट आ सकती है. ऐसे में विदेश से चीजें खरीदना महंगा हो जाएगा. सरकार और आम आदमी पर महंगाई बोझ बढ़ जाएगा. इस साल जनवरी से अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तान के रुपये में 26 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है.
रेटिंग क्यों घटाई :-
फिच का कहना है कि देश पर लगातार बढ़ रहे कर्ज के चलते रेटिंग घटाने का फैसला लिया है. पाकिस्तान के विदेशी पूंजी भंडार में तेज गिरावट आई है. अब देश के पास सिर्फ 1.5 महीने के इंपोर्ट को कवर करने का कैश रिजर्व बचा है. मतलब साफ है कि पाकिस्तान के पास विदेशों से सामान खरीदने के लिए उसके पास सिर्फ 1.5 महीने की पैसा शेष बचा है.
अब क्या होगा:-
एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18हिंदी को बताया कि पाकिस्तान की रेटिंग घटने से उसके कर्ज डिफॉल्ट का खतरा बढ़ गया है. अब उसे अपना कर्ज़ चुकाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. पाकिस्तान की करेंसी में तेज गिरावट आ सकती है. लिहाजा देश में महंगाई बढ़ जाएगी
कौन रेटिंग तैयार करता है:-
रेटिंग तैयार करते समय कंपनियां एजेंसियों के साथ गोपनीय बातों को भी शेयर करती हैं. एजेंसियों को उन बातों का भी पता रहता है जो आमतौर पर सामान्य लोग नहीं जान पाते हैं.अच्छी रेटिंग का मतलब क्या है:-
किसी कंपनी की ऊंची क्रेडिट रेटिंग इस बात की गारंटी नहीं है कि वहां किया जा रहा निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है और इस पर निश्चित ही मुनाफा मिलेगा. रेटिंग का मतलब केवल इतना होता है कि ये कंपनी की वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारी देती हैं. किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति क्या है इस बारे में निवेशकों को रेटिंग के जरिए जानकारी प्राप्त होती है.खराब रेटिंग का मतलब:-
अगर किसी कंपनी की रेटिंग बहुत नीचे है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह दिवालिया होने की कगार पर है या भविष्य में अच्छा नहीं करेगी. हां जहां तक सूचना की बात है तो यह सच है कि इनके माध्यम से निवेशकों को मोटे तौर पर कंपनी की वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त होती है जिससे लाभ प्राप्त हो सके.
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मिजोरम के नए सीएम जोरामथंगा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ,तीसरी बार बनेंगे सीएम

1:50 PM 0
मिजोरम के नए सीएम जोरामथंगा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ,20 साल तक रहे अंडर ग्राउंड.
मिजोरम में जोरामथंगा ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. कभी खूंखार उग्रवादी रहे जोरामथंगा तीसरी बार मिजोरम के मुख्यमंत्री बने है. विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट ने प्रदेश में दस साल से सत्ता में काबिज कांग्रेस को करारी शिकस्त दी. 74 वर्षीय जोरामथंगा ने हाल ही में अपनी ऑटोबायोग्राफी भी पूरी कर ली है. वह भारतीय सेना के खिलाफ गुरिल्ला वॉर में भी शामिल रह चुके हैं.
जानते हैं जोरामथंगा के बारे में कुछ खास बातें


20 साल तक रहे अंडरग्राउंड:-
मार्च 1966 में लालडेंगा की अगुवाई वाली नेशनल मिज़ो फ्रंट ने भारत से आज़ादी की घोषणा कर दी थी. नेशनल मिज़ो फ्रंट को लगा था कि सरकार राज्य में आए अकाल से ठीक ढंग से निपट नहीं पाई और निष्क्रिय रही है. एनएमएफ की बगावत पूर्वोत्तर में नगा विरोध के बाद दूसरा सबसे बड़ा विद्रोह था. दोनों पक्षों से मानवाधिकारों के उल्लंघन, हिंसा, लोगों के विस्थापन के बावजूद 1986 में सरकार और एमएनएफ के बीच मिजोरम पीस एकॉर्ड पर हस्ताक्षर हुए और इस समस्या का हल निकाल लिया गया.
जोरामथंगा 1966 में एमएनएफ से जुड़े थे. उस दौरान एमएनएफ एक भूमिगत संगठन के तौर पर काम करता था. इस संगठन में रहते हुए 1966 से 1986 तक करीब 20 साल तक वह अंडर ग्राउंड हो गए थे.
ग्रेजुएट होने की खबर जंगल में मिली:-
जोरामथंगा ने मणिपुर के डीएम कॉलेज से इंग्लिश में ग्रेजुएशन किया है. जब वह एमएनएफ में शामिल हुए तब वह अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. जब उन्हें ग्रेजुएट होने की खबर मिली तब वह जंगल में छिपे हुए थे. उन्हें 1969 में एमएनएफ ‘अध्यक्ष’ लालडेंगा का सचिव नियुक्त किया गया था और वह एमएनएफ पार्टी के उपाध्यक्ष भी रहे. वह एमएनएफ नेता लालडेंगा के करीबी सहयोगी रहे हैं. एमएनएफ के झंडे तले निर्दलीय उम्मीदवारों के एक समूह ने पहली बार 1987 में 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा, जिनमें से जोरामथंगा समेत 24 उम्मीदवार निर्वाचित हुए.
28 सालों से हैं एमएनएफ के अध्यक्ष:-
वह 1989 में हुए विधानसभा चुनावों में चम्फाई सीट से फिर से निर्वाचित हुए. लालडेंगा की फेफड़ों के कैंसर के कारण सात जुलाई,1990 को मृत्यु होने के बाद जोरामथंगा को एमएनएफ का अध्यक्ष बनाया गया और वह आज तक इस पद पर बने हुए है. उन्होंने 1993 में चम्फाई सीट से राज्य विधानसभा चुनाव लड़ा था और वह तीसरी बार जीते और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता बने.
तीसरी बार बनेंगे सीएम:-
जोरामथंगा के नेतृत्व वाले एमएनएफ ने 1998 में राज्य विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की और 21 विधायकों के साथ सरकार बनाई. वह पहली बार मुख्यमंत्री बने और अपना कार्यकाल पूरा किया. उन्होंने 2003 के राज्य विधानसभा चुनाव में सत्ता बरकरार रखी और वह मुख्यमंत्री बने रहे. जोरामथंगा ने चम्फाई सीट और कोलासिब सीटों से जीत दर्ज की. हालांकि उन्होंने कालासिब सीट बाद में छोड़ दी थी. उनकी पार्टी को 2008 के चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी थी और यह पार्टी केवल तीन सीटों तक ही सिमट कर रह गई थी.
आत्मकथा पर बने हॉलीवुड फिल्म:-
ज़ोरामथंगा चाहते हैं फिल्म की तर्ज पर भविष्य में उनकी आत्मकथा पर भी हॉलीवुड की फिल्म बने. उन्होंने कहा कि उनकी आत्मकथा में एक बेहतरीन हॉलीवुड फिल्म बनने का सारा मसाला मौजूद है. उन्होंने कहा उनकी दिलचस्पी बॉलीवुड को अपनी पुस्तक देने में नहीं है क्योंकि उसमें सबकुछ दिखाने की हिम्मत नहीं है. जिसमें भारत सरकार के खिलाफ एमएनएफ की लड़ाई और रणनीतियां शामिल हैं. साथ में अन्य संवेदनशील जानकारी भी शामिल हैं.
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पुलवामा में एनकाउंटर के बाद हुई मुठभेड़ में एक जवान शहीद

1:03 PM 0
पुलवामा में एनकाउंटर के बाद हुई मुठभेड़ में एक जवान शहीद.
पुलवामा जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच शनिवार सुबह हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर ज़हूर ठोकर सहित तीन आतंकियों को ढेर कर दिया है. इस अभियान में एक जवान शहीद हो गया.
वहीं इस एनकाउंटर के बाद इलाके के युवाओं ने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान सुरक्षाबलों की तरफ से की गई रक्षात्मक फायरिंग में कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी है. फिलहाल इलाके में इंटरनेद सेवा कर दी गई है और सुरक्षाबल के जवानों ने इलाके को घेर रखा है.
सुरक्षाबलों को यहां खारपुरा स्थित सेब के बागान में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इस खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने शनिवार सुबह इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू किया. इस दौरान आतंकियों ने खुद को घिरा हुआ पाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबल के जवानों ने तीन आतंकियों को मार दिया.
मोस्ट वॉन्टेड आतंकी जहूर ठोकर पहले सेना में था और 2016 में आतंक की राह पर चल पड़ा था. ज़हूर अहमद ठोकर सेना की 173 टीए बटालियन में तैनात था. लेकिन एक दिन अचनाक ठोकर अपनी राइफल के साथ कैंप से लापता हो गया. फिर जुलाई में हिज्बुल मुजाहिदीन ने प्रेस रीलीज जारी कर ठोकर के हिज्बुल में शामिल होने की पृष्टि की थी.
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ये कंपनी एक साल तक फ़ोन यूज़ नहीं करने पर दे रही है 71 लाख रुपये,जानिए क्या है पूरा प्लान

12:55 PM 0
ये कंपनी एक साल तक फ़ोन यूज़ नहीं करने पर दे रही है 71 लाख रुपये,जानिए क्या है पूरा प्लान.
स्मार्टफोन की लत बहुत बुरी तरह पूरी दुनिया के लिए समस्या बन गई है. हर कोई इस से छुटकारा पाना चाहता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि फोन छोड़ने पर आपको लाखों रुपये भी मिल सकते हैं. जी हां ये सच है 'विटामिन वॉटर' नाम की कंपनी एक साल के लिए फोन छोड़ने वालों को 1 लाख डॉलर (करीब 71,000 रुपये) दे रही है.
कोका कोला के स्वामित्व वाली कंपनी विटामिन वॉटर का वैसे तो स्मार्टफोन से कोई वास्ता नहीं है. लेकिन कंपनी ने अपने मार्केटिंग कैंपेन के लिए स्मार्टफोन यूजर्स को टारगेट किया है.

जानते है क्या है प्लान:-
कंपनी उनको 71 लाख रुपये देगी जो एक साल के लिए अपना स्मार्टफोन पूरी तरह से छोड़ देगा फ़ोन का प्रयोग बिलकुल भी नहीं करेगा. इसके पीछे मुख्य बात यह जानना है कि क्या कोई बिना किसी फोन के रह सकता है या नहीं. कंपनी इस बात को जानने के लिए कि आप पर लाईडिटेक्टर टेस्ट करेगी और पता लगाएगी कि आपने फोन का इस्तेमाल किया है या नहीं.
ऐसे कर सकते हैं अप्लाई
इस प्रतियोगिता में आप ट्विटर या इंस्टाग्राम के जरिए भाग ले सकते हैं. इसके लिए आपको #nophoneforayear और #contest लिखकर अपना पोस्ट करना होगा और 'विटामिन वॉटर' को आपके कॉन्टेस्ट में भाग लेने के बारे में पता चल जाएगा. इसके साथ आपको यह भी बताना होगा कि आप फोन को क्यों छोड़ रहे हैं और अपने फ्री टाइम का कैसे इस्तेमाल करेंगे.
अगर आप इसमें भाग लेना चाहते हैं तो आपको 8 जनवरी, 2019 को 11:59PM से पहले अप्लाई करना होगा. 'विटामिन वॉटर' 22 जनवरी, 2019 तक एंट्रीज को फाइनल करेगा. जो भी लोग इसमें चुने जाएंगे, उन्हें उनके सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए कॉन्टैक्ट किया जाएगा.
इसके साथ आपको एक कॉन्ट्रैक्ट भी साइन करना होगा कि आप एक साल तक फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. हालांकि, डेस्कटॉप और लैपटॉप का इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ 6 महीने भी बिना फोन के रह लेता है तो उसे 71 लाख रुपये दे दिए जायँगे.
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फिर हुआ फेसबुक से 68 लाख यूजर्स का डेटा लीक

12:42 PM 0
फिर हुआ फेसबुक से 68 लाख यूजर्स का डेटा लीक.
जहाँ फेसबुक अपने यूजर्स के लिए कुछ नए फीचर्स को जोड़ रहा है, तो दूसरी तरफ यूजर्स के डेटा लीक के मामले सामने आ रहा है. कंपनी एक बार फिर ऐसे ही मामले में फंस गई है जिसमें एक प्राइवेसी बग आने के कारण 68 लाख यूजर्स का डेटा अपने आप लोगों के सामने आ गया. फेसबुक ने इसको लेकर माफी मांग ली है.
फेसबुक के मुताबिक, इस बग से थर्ड पार्टी एप्लीकेशन्स के जरिए 12 दिन के भीतर 68 लाख लोगों के अकाउंट प्रभावित हुए हैं. इस बग ने 1500 थर्ड पार्टी ऐप को उपभोक्ताओं के प्राइवेट फोटोज को एक्सेस करने की अनुमति दे दी. यह चूक 13 सितंबर से 25 सितंबर के बीच हुई है. इस बग का पता चलने पर उसे ठीक कर दिया गया.
डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग टॉमर बार ने एक संदेश में डेवेलपर्स से कहा, "जब कोई व्यक्ति फेसबुक पर अपने फोटो तक पहुंच के लिये किसी एप को अनुमति देता है तो हम अक्सर ऐसे एप्स को लोगों द्वारा उनकी टाइमलाइन पर साझा किये गए फोटो तक पहुंचने की अनुमति दे देते हैं.
इसके पहले करीब 5 करोड़ से ज्यादा फेसबुक यूजर्स के प्रोफाइल का डेटा लीक हो गया था. डेटा हैंडलिंग एजेंसी 'कैंब्रिज एनालिटिका' पर आरोप है कि उसने गलत तरीके से 5 करोड़ से ज्यादा फेसबुक यूजर्स के प्रोफाइल्स से जानकारियां एकत्र कर चुनावों को प्रभावित किया.
इस मामले के उजागर होने के बाद अमेरिका और ब्रिटेन की एजेंसियां फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका की जांच कर रही है. वहीं बीजेपी-कांग्रेस ने एक दूसरे पर कैम्ब्रिज एनालिटिका की सेवाएं लेने का आरोप लगाया गया है.
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CM पद की रेस में भूपेश बघेल आगे,बन सकते है छत्तीसगढ़ के नए सीएम

12:26 PM 0
CM पद की रेस में भूपेश बघेल आगे,बन सकते है छत्तीसगढ़ के नए सीएम.
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है. सीएम पद के लिए शनिवार को बघेल के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा.
प्रदेश कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदेश इकाई के चार वरिष्ठ नेताओं- टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, भूपेश बघेल और चरणदास महंत के साथ मुलाकात की. ये चारों ही इस शीर्ष पद के दावेदार बताए जा थे. , इन सबमें बघेल का ही पलड़ा भारी निकला.
चारों नेता शनिवार को एक विशेष विमान से पर्यवेक्षक मल्लिर्काजुन खड़गे, पार्टी के राज्य प्रभारी पीएल पुनिया के साथ यहां पहुंचे. उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, तब ही मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होगी.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास 12 तुगलक लेन पर शुक्रवार को तीन घंटे तक मैराथन बैठक में किसी फैसले पर नहीं पहुंचा जा सका. इसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के चयन का फैसला पार्टी अध्यक्ष पर छोड़ दिया गया है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 90 सदस्यीय विधानसभा में 68 सीटें हासिल हुई हैं. इसी के साथ राज्य में भाजपा का 15 साल का शासन काल समाप्त हो गया.
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