हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन आज दुनिया भर में लाखों लोगों को परेशान कर रहा है. इसे एक ऐसी स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है.
जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है. उचित देखभाल और ध्यान न देने के कारण, हाई बीपी स्ट्रोक का रूप ले सकता है. हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को अक्सर अपनी डाइट से अत्यधिक नमक, मसालेदार और फैटी खाद्य पदार्थों को हटाने की सलाह दी जाती है. यह सच है कि अधिक मसालेदार भोजन खाने से धमनियों में रूकावट आ सकती है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. अपनी डाइट से सभी मसालों को हटाना निश्चित रूप से आवश्यक नहीं है. आपकी किचन में कुछ मसाले आपके हार्ट के लिए चमत्कार कर सकते हैं. आयुर्वेद के मुताबिक, अजवाइन एक ऐसा मसाला है जो हाई बल्ड प्रेशर के लेवल को कंट्रोल कर सकता है.
पराठों, सब्जी, खिचड़ी में इस्तेमाल किए जाने वाला ये छोटा-सा बीज एंटीऑक्सीडेंट का भंडार भी है. बुक 'द फ्लेवर ऑफ स्पाइस' में कहा गया है कि पंजाब, बंगाल और दक्षिण डेक्कन में इनकी खेती की जाती है. इतना ही नहीं मिस्र, अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान में भी बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है. कई अध्ययनों में दावा किया गया है कि अजवाइन के औषधीय गुण ब्लड प्रेशर के लेवल को भी कंट्रोल करने में फायदेमंद हो सकते हैं.
इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल ऑफ फार्मेसी में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि 80 प्रतिशत आबादी हर्बल दवाओं का उपयोग करती है. अजवाइन में एंटी हाइपरटेंसिव और एंटीस्पास्मोडिक गुण होते हैं. भारत बी अग्रवाल की कितना 'हीलिंग स्पाइसेज' में बताया गया है कि प्रयोगशाला में जानवरों के ब्लड प्रेशर को कम करने में अजवाइन का भी कैल्शियम चैनल अवरोधक वेरापमिल की तरह असर पड़ा.
जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है. उचित देखभाल और ध्यान न देने के कारण, हाई बीपी स्ट्रोक का रूप ले सकता है. हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को अक्सर अपनी डाइट से अत्यधिक नमक, मसालेदार और फैटी खाद्य पदार्थों को हटाने की सलाह दी जाती है. यह सच है कि अधिक मसालेदार भोजन खाने से धमनियों में रूकावट आ सकती है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. अपनी डाइट से सभी मसालों को हटाना निश्चित रूप से आवश्यक नहीं है. आपकी किचन में कुछ मसाले आपके हार्ट के लिए चमत्कार कर सकते हैं. आयुर्वेद के मुताबिक, अजवाइन एक ऐसा मसाला है जो हाई बल्ड प्रेशर के लेवल को कंट्रोल कर सकता है.
पराठों, सब्जी, खिचड़ी में इस्तेमाल किए जाने वाला ये छोटा-सा बीज एंटीऑक्सीडेंट का भंडार भी है. बुक 'द फ्लेवर ऑफ स्पाइस' में कहा गया है कि पंजाब, बंगाल और दक्षिण डेक्कन में इनकी खेती की जाती है. इतना ही नहीं मिस्र, अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान में भी बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है. कई अध्ययनों में दावा किया गया है कि अजवाइन के औषधीय गुण ब्लड प्रेशर के लेवल को भी कंट्रोल करने में फायदेमंद हो सकते हैं.
इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल ऑफ फार्मेसी में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि 80 प्रतिशत आबादी हर्बल दवाओं का उपयोग करती है. अजवाइन में एंटी हाइपरटेंसिव और एंटीस्पास्मोडिक गुण होते हैं. भारत बी अग्रवाल की कितना 'हीलिंग स्पाइसेज' में बताया गया है कि प्रयोगशाला में जानवरों के ब्लड प्रेशर को कम करने में अजवाइन का भी कैल्शियम चैनल अवरोधक वेरापमिल की तरह असर पड़ा.

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