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Wednesday, March 13, 2019

West Bengal में Mamata Banerjee ने इस उम्मीदवारों को उतारा, जानिए कैसे बिगाड़ा BJP का खेल

West Bengal में Mamata Banerjee ने इस उम्मीदवारों को उतारा, जानिए कैसे बिगाड़ा BJP का खेल.

(Mamata Banerjee in West Bengal, take out the candidates to know how spoiled BJP's game)
पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया. टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की राणाघाट लोकसभा सीट से पार्टी के मृत विधायक सत्यजीत विस्वास की पत्नी रूपाली को टिकट दिया है. जब पार्टी के लोग घर पर बायोडेटा पूछने आए थे तब रूपाली को लगा था कि उन्हें टिकट दिया जा सकता है. 
उन्हें राजनीति का ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन उनको टिकट देने के पीछ टीएमसी की रणनीति नजर आती है. वहीं पत्रकारों से बात करते हुए रूपाली ने कहा कि वह नामांकन के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन वह पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को निभाने की पूरी कोशिश करेंगी.
सरस्वती पूजा के उद्घाटन के दौरान अज्ञात बदमाशों ने सत्यजीत विस्वास की हत्या कर दी थी. 2016 में सत्यजीत और रुपाली की शादी हुई थी. सरस्वती पूजा के उद्घाटन के लिए जाते वक्त सत्यजीत अपनी पत्नी और बेटे से कहकर आए थे कि वे लौटते वक्त उनके लिए पानी पुरी लेते हुए आएंगे. सत्यजीत की हत्या के बाद बीजेपी और राज्य में पार्टी के प्रमुख मुकुल रॉय की तरफ उंगलियां उठनी शुरू हो गई. तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मटुआ समुदाय, जिनके समर्थन से राज्य में ममता बनर्जी को लगातार जीत हासिल हुई और बीजेपी सक्रिय रूप से उन्हें लुभा रही है, में सत्यजीत की लोकप्रियता के चलते उनकी हत्या की गई. टीएमसी नेता ने कहा कि यही कारण था कि ममता बनर्जी ने 2014 में जीत दर्ज करने वाले तापस मंडल पर रुपाली को तरजीह दी. ममता बनर्जी ने इस बात पर बल दिया और अपने उम्मीदार की घोषणा करने से पहले मटुआ समुदाय और इससे सत्यजीत के जुड़ाव के बारे में बात की. टीएमसी के एक सीनियर नेता ने कहा, "वह अच्छी रिप्लेसमेंट उम्मीदवार है. वह (तापस) टिकट नहीं चाहते थे. इतना स्पष्ट था. लेकिन सत्यजीत की हत्या के बाद जमीनी हालात बहुत खराब हो गए. राणाघाट लोकसभा सीट के तहत सात विधानसभा सीट आती हैं, जिनमें से तीन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि यहां की जनसंख्या का 40% मटुआ समुदाय से आता है. चूंकि सीट को नबद्वीप निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किया गया था, एक दूसरे विधायक ने कहा, “उनकी उम्मीदवारी के साथ आंतरिक झगड़े बेअसर हो जाते हैं. भले ही हर व्यक्ति को टिकट चाहता हो, लेकिन सच्चाई ये है कि सभी हत्या से हैरान हैं और वे उन्हें (रूपाली) जिताने के लिए मिलकर काम करेंगे.

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