बीजेपी का गुजरात में लोटस ऑपरेशन का ये दांव पड़ सकता है उल्टा.
(bjp's lotus operation in gujarat may be a bet)बीजेपी गुजरात में एक तीर से दो शिकार करने में लगी हुई है. इसीलिए उसने हाल ही में कांग्रेस से पार्टी में शामिल हुए नेताओं को टिकट दिए है, लेकिन बीजेपी का ये दांव उल्टा पड़ सकता है. लेकिन कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को टिकट दिए जाने की वजह से पार्टी के कार्यकर्ता नाराज़ दिख रहे है.
वर्तमान में गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में बीजेपी के पास 99, कांग्रेस के पास 77, एनसीपी की एक और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के पास दो सीटें हैं. एनसीपी और बीटीपी के विधायक कांग्रेस के साथ हैं जबकि निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस के समर्थन से चुनाव जीते थे. साल 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव बीजेपी काफी कम अंतर से जीती थी. इसलिए सरकार पर लगातार तलवार लटक रही थी. इसीलिए लोकसभा चुनावों में ज्यादा सीटें जीतने के लिए और राज्य सरकार को स्थिर बनाए रखने के लिए बीजेपी ने कांग्रेस से शामिल विधायकों को टिकट दे दिया. पार्टी कार्यकर्ताओं में उस वक्त काफी विरोध देखने को मिला जब साबरिया पार्टी में शामिल हुए. कार्यकर्ताओं ने उनके पुतले फूंके और उनके दागी होने की बात कही. बता दें कि 2018 में साबरिया को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर चेक डैम और अन्य कई छोटी परियोजनाओं में हुए स्कैम को उजागर न करने के लिए 40 लाख रुपये मांगने का आरोप था. अभी वह जमानत पर बाहर हैं. एक बीजेपी नेता ने कहा कि हमने पार्टी को बता दिया है कि हम इस भ्रष्ट नेता के लिए प्रचार नहीं करेंगे. कुछ पार्टी नेताओं का मानना है कि जिन विधानसभा सीटों से कांग्रेस विधायक इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए हैं उन सीटों पर लोकसभा चुनाव के बाद उपचुनाव करवाया जाना चाहिए, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि इस वक्त मोदी लहर में पार्टी की जीत निशचित है.

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