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Wednesday, October 24, 2018

आज शरद पूर्णिमा के दिन राशि अनुसार करें ये काम, होगा लाभ

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है। इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। चंद्रमा से बरसने वाले अमृत का सेवन करने से शरीर स्वस्थ रहने की मान्यता के चलते घर-घर में खीर बनाकर भगवान को भोग लगाकर छत पर छलनी से ढककर रखा जाएगा। जब अमृत की किरणें खीर में समाहित हो जाएगी, तब इसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाएगा।

समलेश्वरी मंदिर के पुजारी पं.मनोज शुक्ला एवं सुरेश्वर महादेव पीठ के संस्थापक पं.राजेश्वरानंद सरस्वती के अनुसार 23 अक्टूबर मंगलवार की रात 10.36 बजे से 24 अक्टूबर बुधवार की रात 10.14 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। पूर्णिमा की पूजा, व्रत और स्नान 24 अक्टूबर को ही होगा।
मां लक्ष्मी धरती का भ्रमण करने निकलेंगीऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। यह भी माना जाता है कि मां लक्ष्मी धरती का भ्रमण करने निकलती है। जो लोग पूजा-पाठ, आराधना करते हैं मां लक्ष्मी उनके घर स्थायी रूप से निवास करती है। इसलिए इसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं।
राशि अनुसार करें उपायमेष - मेष राशि के लोग कन्याओं को खीर खिलाएं और चावल को दूध में धोकर बहते पानी में बहाएं। ऐसा करने से आपके सारे कष्ट दूर हो सकते हैं।वृषभ - इस राशि में चंद्रमा उच्च का होता है। वृष राशि शुक्र की राशि है और राशि स्वामी शुक्र प्रसन्न् होने पर भौतिक सुख-सुविधाएं प्रदान करते हैं। शुक्र देवता को प्रसन्न करने के लिए इस राशि के लोग दही और गाय का घी मंदिर में दान करें।
मिथुन - इस राशि का स्वामी बुध, चंद्र के साथ मिल कर आपकी व्यापारिक एवं कार्य क्षेत्र के निर्णयों को प्रभावित करता है। उन्न्ति के लिए दूध और चावल का दान करें तो उत्तम रहेगा।
कर्क - तनाव मुक्त और प्रसन्न रहने के लिए मिश्री मिला हुआ दूध मंदिर में दान देना चाहिए।सिंह - धन प्राप्ति के लिए मंदिर में गुड़ का दान करें तो आपकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन हो सकता है।
कन्या - 3 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को भोजन में खीर खिलाना विशेष लाभदायी होगा।
तुला- इस राशि पर शुक्र का विशेष प्रभाव होता है। इस राशि के लोग धन और ऐश्वर्य के लिए धर्म स्थानों यानी मंदिरों पर दूध, चावल व शुद्ध घी का दान दें।
वृश्चिक - इस राशि में चंद्रमा नीच का होता है। सुख-शांति और संपन्न्ता के लिए मंगल देव से संबंधित वस्तुओं, कन्याओं को दूध व चांदी का दान दें।
धनु - इस राशि का स्वामी गुरु है। इस समय गुरु वृश्चिक राशि में है और गुरु की नौवीं दृष्टि चंद्रमा पर रहेगी। शरद पूर्णिमा पर दिए दान का पूरा फल मिलेगा। चने की दाल पीले कपड़े में रख कर मंदिर में दान दें।
मकर - इस राशि का स्वामी शनि है। गुरु की सातवीं दृष्टि इस राशि पर है जो कि शुभ है। बहते पानी में चावल बहाने से मनोकामना पूरी होगी।
कुंभ - इस राशि का राशि स्वामी शनि है। दृष्टिहीनों को भोजन करवाएं।
मीन - इस राशि में शरद पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रोदय होगा। सुख, ऐश्वर्य और धन की प्राप्ति के लिए ब्राह्मणों को भोजन करवाएं।
ऐसे करें पूजापूर्णिमा तिथि पर स्नान करके उपवास रखे और ब्रह्मचर्य भाव से रहे। तांबे अथवा मिट्टी के कलश पर वस्त्र से ढँकी हुई स्वर्णमयी लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करके पूजा करें। चन्द्रोदय होने पर सोने, चाँदी अथवा मिट्टी के घी से भरे हुए 100 दीपक जलाएं। इसके बाद घी मिश्रित खीर तैयार कर चन्द्रमा की चाँदनी में रखें। जब एक प्रहर (3 घंटे) बीत जाएं, तब लक्ष्मीजी को सारी खीर अर्पण कर प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।
करें ये काम
चन्द्रमा की चांदनी में टहलें, नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिए चंद्रमा की रोशनी में सुई में धागा पिरोएं।
दमा दूर करने अमृत युक्त खीर के साथ दवा खाएं।
गर्भवती महिला की नाभि पर चंद्रमा की किरणें पड़े तो गर्भ पुष्ट होता है।

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