मुंबई मंथन आजतक के चौथे सत्र में अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हिस्सा लिया. उन्होंने MeToo मूवमेंट के बारे में खुलकर चर्चा की और पूछे गए कई सवालों के जवाब एकदम सटीक तरीके से दिए. इस सत्र को राजदीप सरदेसाई ने मॉडरेट किया. जब उनसे पूछा गया कि पुराने मामले में कैसे सच्चाई ढूंढ सकते हैं.... इस पर उन्होंन कहां- "जिनके साथ छेड़छाड़ हुई है उनका बोलना ही काफी है".
"ये सभी अपराध बंद दरवाजों के पीछे होते हैं". अगर हर कोई सबूत मांगेगा तो महिलाओं को '24 घंटे अपने सिर पर कैमरा पहनकर चलना होगा'. उन्होंने कहा मेरा केस में मेरे पास वीडियो फुटेज है, लेकिन आज भी ऐसी महिलाएं हैं जिनके साथ शोषण और उत्पीड़न हुआ, लेकिन उनके पास सबूत नहीं है.
इस सेशन में तनुश्री ने कहा कि - "यह अच्छी बात है कि समाज में इस #MeToo मूवमेंट के चलते पुरुष डरे हुए हैं |
उन्होंने न्याय के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा- "मुझे न्याय की अपेक्षा है, लेकिन किस तरह की न्याय की अपेक्षा है इसका अनुमान नहीं लगया है, क्योंकि हमारे देश की न्यायप्रणाली का न्याय करने का अलग तरीका है. वहीं उन्होंने बताया कई वजहें हैं जिसके वजह से न्याय देरी से मिलता है.
उन्होंने कहा- मीटू कैंपेन की वजह से बदलाव शुरू हो रहा है. भारतीय समाज अब लगातार बदल रहा है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में भारत में ऐसी महिलाएं हैं जो दबाव के चलते बोलने की हिम्मत नहीं उठा पा रही हैं |
"ये सभी अपराध बंद दरवाजों के पीछे होते हैं". अगर हर कोई सबूत मांगेगा तो महिलाओं को '24 घंटे अपने सिर पर कैमरा पहनकर चलना होगा'. उन्होंने कहा मेरा केस में मेरे पास वीडियो फुटेज है, लेकिन आज भी ऐसी महिलाएं हैं जिनके साथ शोषण और उत्पीड़न हुआ, लेकिन उनके पास सबूत नहीं है.
इस सेशन में तनुश्री ने कहा कि - "यह अच्छी बात है कि समाज में इस #MeToo मूवमेंट के चलते पुरुष डरे हुए हैं |
उन्होंने न्याय के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा- "मुझे न्याय की अपेक्षा है, लेकिन किस तरह की न्याय की अपेक्षा है इसका अनुमान नहीं लगया है, क्योंकि हमारे देश की न्यायप्रणाली का न्याय करने का अलग तरीका है. वहीं उन्होंने बताया कई वजहें हैं जिसके वजह से न्याय देरी से मिलता है.
उन्होंने कहा- मीटू कैंपेन की वजह से बदलाव शुरू हो रहा है. भारतीय समाज अब लगातार बदल रहा है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में भारत में ऐसी महिलाएं हैं जो दबाव के चलते बोलने की हिम्मत नहीं उठा पा रही हैं |

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