समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता और राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने आजमगढ़ स्थित अपनी पैतृक संपत्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी संस्था सेवा भारती संस्थान को दान कर दी है.
अमर सिंह ने अपने स्वर्गीय पिता की याद में उनकी संपत्ति सेवा भारती के नाम पर करने का फैसला लिया. जब से उनके पिता की मौत हुई थी. उनका यह घर खाली रहता था. दान की गई संपत्ति की कीमत करीब 15 करोड़ बताई जा रही है.इसमें उनका पैतृक आवास भी शामिल है, जिसकी कीमत 4 करोड़ है. साथ ही तरवां गांव की 10 बीघा जमीन जिसकी कीमत 10 करोड़ बताई जा रही है दान में दी गई है. वाराणसी से जौनपुर जाते हुए अमर सिंह ने कहा कि संघ एक बड़ी संस्था है. उसे दान देना बहुत छोटी बात होगी. मेरे स्वर्गीय पिता की याद में मेरी संपत्ति को देकर मैंने समाज की सेवा के प्रयासों में योगदान करने की कोशिश की है.
अमर सिंह ने उन आरोपों का जवाब नहीं दिया, जिसमें कुछ राजनीतिक पार्टियां यह कह रही हैं कि आरएसएस के माध्यम से अमर सिंह बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं
अमर सिंह की पैदाइश आजमगढ़ की है. 2010 में सपा से निकाले जाने के बाद उन्होंने अलग पूर्वांचल राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर राष्ट्रीय लोक मंच नाम की एक पार्टी बनाई. इसको लेकर उन्होंने पद यात्रा भी की थी. लेकिन उनकी पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली थी.
अमर सिंह ने उन आरोपों का जवाब नहीं दिया, जिसमें कुछ राजनीतिक पार्टियां यह कह रही हैं कि आरएसएस के माध्यम से अमर सिंह बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं
अमर सिंह की पैदाइश आजमगढ़ की है. 2010 में सपा से निकाले जाने के बाद उन्होंने अलग पूर्वांचल राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर राष्ट्रीय लोक मंच नाम की एक पार्टी बनाई. इसको लेकर उन्होंने पद यात्रा भी की थी. लेकिन उनकी पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली थी.

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