कढ़ी पत्ते या करी पत्ता भारतीय आहार में जमकर इस्तेमाल किया जाता है. अपनी जबरदस्त खुशबू खाने का जायका बढ़ा देती है.
कढ़ी पत्ते का सबसे ज्यादा इस्तेमाल साउथ इंडिया के फूड में किया जाता है, लेकिन मध्यक्षेत्र और महाराष्ट्र के खाने में भी कढ़ी पत्ता जमकर इस्मेमाल किया जाता है. स्वाद के साथ ही साथ कढ़ी पत्ता आयुर्वेद में भी कई नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता है. कढ़ी पत्ता दिल के रोगों, संक्रमणों के साथ-साथ डायबिटीज में भी राहत दिलाता है. कढ़ी पत्ता एक एंटिऑक्सीडेंट के तौर पर काम कर सकता है. इसमें बिटा कैरोटिन जैसे एंटिऑक्सीडेंट होते हैं. इसके साथ ही साथ कढ़ी पत्ते में विटामिन सी भी भरपूर पाया जाता है. यह टाइप 2 डायबिटीज (type-2 diabetes) मरीजों और दिल के रोगियों के लिए बहुत अच्छा है. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि किस तरह कढ़ी पत्ता डायबिटीज में मददगार है.
कढ़ी पत्ते के फायदे:-एक शोध के अनुसार कढ़ी पत्ते के इस्तेमाल से हाई ब्लड शुगर लेवल को 45 फीसदी तक कंट्रोल में किया जा सकता है. कढ़ी पत्ता टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा होता है.
कढ़ी पत्ते में एंटिऑक्सीडेंट्स जैसे विटामिन, बिटा कैरोटिन और कार्बजोल एल्कालोड्स होते हैं. जोकि फ्री रेडिकल बीमारियों जो कि ऑक्सीडेटिव डेमेज से जुड़ी हों में बाधा डालने का काम करते हैं. टाइप -2 मधुमेह भी इसी तरह के रोगों में से एक है.कढ़ी पत्ता फाइबर से भरपूर होता है. फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाता है जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है. यह ब्लड शुगर लेगर को नियंत्रण में रखने में मददगार है.
कढ़ी पत्ता आपके इम्यून सिस्टम को ठीक करता है. इससे शरीर में इंसुलिन का सही प्रसार होता है जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर या नियमित करने में मददगार है.
एक शोध के अनुसार कढ़ी पत्ते में मौजूद एंटी हाईपरग्लासेमिक तत्व ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं.
कैसे करें डायबिटीज में राहत पाने के लिए कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल :-
आप रोज सुबह खाली पेट कढ़ी पत्ते के 10 ताजा पत्ते खा सकते हैं.आप चाहें तो रोज सुबह कढ़ी पत्ते का जूस भी पी सकते हैं.इसके अलावा सब्जी, चावल और सलाद में भी कढ़ी पत्ता इस्तेमाल किया जा सकता है.
इस बात का ध्यान रखें कि कढ़ी पत्ता को अपने आहार में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले.
कढ़ी पत्ते का सबसे ज्यादा इस्तेमाल साउथ इंडिया के फूड में किया जाता है, लेकिन मध्यक्षेत्र और महाराष्ट्र के खाने में भी कढ़ी पत्ता जमकर इस्मेमाल किया जाता है. स्वाद के साथ ही साथ कढ़ी पत्ता आयुर्वेद में भी कई नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता है. कढ़ी पत्ता दिल के रोगों, संक्रमणों के साथ-साथ डायबिटीज में भी राहत दिलाता है. कढ़ी पत्ता एक एंटिऑक्सीडेंट के तौर पर काम कर सकता है. इसमें बिटा कैरोटिन जैसे एंटिऑक्सीडेंट होते हैं. इसके साथ ही साथ कढ़ी पत्ते में विटामिन सी भी भरपूर पाया जाता है. यह टाइप 2 डायबिटीज (type-2 diabetes) मरीजों और दिल के रोगियों के लिए बहुत अच्छा है. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि किस तरह कढ़ी पत्ता डायबिटीज में मददगार है.
कढ़ी पत्ते के फायदे:-एक शोध के अनुसार कढ़ी पत्ते के इस्तेमाल से हाई ब्लड शुगर लेवल को 45 फीसदी तक कंट्रोल में किया जा सकता है. कढ़ी पत्ता टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा होता है.
कढ़ी पत्ते में एंटिऑक्सीडेंट्स जैसे विटामिन, बिटा कैरोटिन और कार्बजोल एल्कालोड्स होते हैं. जोकि फ्री रेडिकल बीमारियों जो कि ऑक्सीडेटिव डेमेज से जुड़ी हों में बाधा डालने का काम करते हैं. टाइप -2 मधुमेह भी इसी तरह के रोगों में से एक है.कढ़ी पत्ता फाइबर से भरपूर होता है. फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाता है जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है. यह ब्लड शुगर लेगर को नियंत्रण में रखने में मददगार है.
कढ़ी पत्ता आपके इम्यून सिस्टम को ठीक करता है. इससे शरीर में इंसुलिन का सही प्रसार होता है जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर या नियमित करने में मददगार है.
एक शोध के अनुसार कढ़ी पत्ते में मौजूद एंटी हाईपरग्लासेमिक तत्व ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं.
कैसे करें डायबिटीज में राहत पाने के लिए कढ़ी पत्ते का इस्तेमाल :-
आप रोज सुबह खाली पेट कढ़ी पत्ते के 10 ताजा पत्ते खा सकते हैं.आप चाहें तो रोज सुबह कढ़ी पत्ते का जूस भी पी सकते हैं.इसके अलावा सब्जी, चावल और सलाद में भी कढ़ी पत्ता इस्तेमाल किया जा सकता है.
इस बात का ध्यान रखें कि कढ़ी पत्ता को अपने आहार में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले.

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