उप-राष्ट्रपति सिख धर्म के पहले गुरु गुरुनानक देव की कर्मस्थली करतारपुर गुरुद्वारा साहिब तक पहुंचने वाले करतारपुर कोरिडोर का आज आधारशिला रखने जा रहे हैं| कॉरिडोर के निर्माण से सिख श्रद्धालु अपने पहले गुरु के इस पवित्र स्थान पर पहुंचकर मत्था टेक सकेंगे|
पंजाब के गवर्नर कई केंद्रीय मंत्री, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद और कांग्रेस नेता भी मौजूद रहेंगे| नेता और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल भी कार्यक्रम में शामिल होंगे|
28 नवंबर को पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास होना है। 28 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण की नींव रखेंगे, जिसके लिए पाकिस्तान की तरफ से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को न्योता भी दिया गया। हालांकि सुषमा स्वराज ने व्यस्तता का हवाला देते हुए कार्यक्रम में खुद शामिल होने में असमर्थता जता दी, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम में अपनी जगह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी के प्रतिनिधित्व करने की बात कही है| पंजाब के मंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा ने सवाल किया कि नवजोत सिंह सिद्धू को 'कौम का गद्दार' बताने वाली हरसिमर कौर क्या मुंह लेकर वहां जा रही हैं अकाली दल जब सत्ता में थी तब उसने स्वयं एक बार भी करतारपुर कॉरिडोर का मुद्दा नहीं उठाया था|
करतारपुर साहिब सिखों के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक है| ये सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी का निवास स्थान था| जिन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे। उनका सारा परिवार यहीं आकर बस गया था| उनके माता-पिता और उनका देहांत भी यहीं पर हुआ था। बाद में उनकी याद में यहां पर एक गुरुद्वारा बनाया गया। इसे ही करतारपुर साहिब के नाम से जाना जाता है। ये पाकिस्तान के नारोवाल जिले में है, जो पंजाब में आता है। ये जगह लाहौर से 120 किलोमीटर दूर है। करतापुर साहिब कॉरिडोर के ऐलान के बाद से ही सिख श्रद्धालु उत्साह से भरे हुए हैं।
करतारपुर साहिब का मुद्दा पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के एक दावे के बाद चर्चा में आ गया था। दरअसल सिद्धू अपने क्रिकेटर दोस्त इमरान खान के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए अगस्त में पाकिस्तान गए थे और वहां से लौटने के बाद उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने उनसे कहा है कि पाकिस्तान करतारपुर साहिब गालियारा खोल सकता है| और अब उस गलियारे के निर्माण की तरफ दोनों देश आगे बढ़ रहे हैं|
पंजाब के गवर्नर कई केंद्रीय मंत्री, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद और कांग्रेस नेता भी मौजूद रहेंगे| नेता और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल भी कार्यक्रम में शामिल होंगे|
28 नवंबर को पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास होना है। 28 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण की नींव रखेंगे, जिसके लिए पाकिस्तान की तरफ से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को न्योता भी दिया गया। हालांकि सुषमा स्वराज ने व्यस्तता का हवाला देते हुए कार्यक्रम में खुद शामिल होने में असमर्थता जता दी, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम में अपनी जगह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी के प्रतिनिधित्व करने की बात कही है| पंजाब के मंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा ने सवाल किया कि नवजोत सिंह सिद्धू को 'कौम का गद्दार' बताने वाली हरसिमर कौर क्या मुंह लेकर वहां जा रही हैं अकाली दल जब सत्ता में थी तब उसने स्वयं एक बार भी करतारपुर कॉरिडोर का मुद्दा नहीं उठाया था|
करतारपुर साहिब सिखों के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक है| ये सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी का निवास स्थान था| जिन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे। उनका सारा परिवार यहीं आकर बस गया था| उनके माता-पिता और उनका देहांत भी यहीं पर हुआ था। बाद में उनकी याद में यहां पर एक गुरुद्वारा बनाया गया। इसे ही करतारपुर साहिब के नाम से जाना जाता है। ये पाकिस्तान के नारोवाल जिले में है, जो पंजाब में आता है। ये जगह लाहौर से 120 किलोमीटर दूर है। करतापुर साहिब कॉरिडोर के ऐलान के बाद से ही सिख श्रद्धालु उत्साह से भरे हुए हैं।
करतारपुर साहिब का मुद्दा पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के एक दावे के बाद चर्चा में आ गया था। दरअसल सिद्धू अपने क्रिकेटर दोस्त इमरान खान के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए अगस्त में पाकिस्तान गए थे और वहां से लौटने के बाद उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने उनसे कहा है कि पाकिस्तान करतारपुर साहिब गालियारा खोल सकता है| और अब उस गलियारे के निर्माण की तरफ दोनों देश आगे बढ़ रहे हैं|

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