राजस्थान विधानसभा चुनाव के प्रचार में एक रैली को संबोधित करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जी पर टिप्पणी की.
इसके साथ ही 'राजस्थान सर्व ब्राह्मण महासभा' नाम के एक संगठन ने सीएम योगी को लीगल नोटिस भेजा है. इस नोटिस में तीन दिन में माफी मांगने की मांग की गई है. इसके साथ ही उन पर वोटों के लिए हनुमान जी की जाति को बीच में लाने का आरोप लगाया गया है. संगठन के प्रमुख सुरेश मेहता ने कहा है कि कई श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है.सीएम योगी ने कहा था, 'बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वंय वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं. भारतीय समुदाय को उत्तर से लेकर दक्षिण तक पुरब से पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं.
सीएम योगी ने इससे पहले भी हनुमान जी का जिक्र रैली को संबोधित करते हुए अपने भाषण में किया था. मध्य प्रदेश में एक रैली के दौरान उन्होंने एमपी कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा था, 'कांग्रेस को केवल मुस्लिम वोटों की जरूरत है. कमलनाथ जी आप अपना अली रखिए, हमारे लिए बजरंग बली काफी है.'
शहरों के नामों को लेकर भी योगी आदित्यनाथ विवादों में रहे हैं. राजस्थान के मकराना में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'कांग्रेस बांटने की राजनीति करती रही है, इसलिए उनके शासन में आंतकवाद चरम पर था. कभी कांग्रेस जिन आतंकियों को बिरयानी खिलाती थी, अब उन्हें हम लोग गोलियां खिला रहे हैं.
सीएम योगी ने इससे पहले भी हनुमान जी का जिक्र रैली को संबोधित करते हुए अपने भाषण में किया था. मध्य प्रदेश में एक रैली के दौरान उन्होंने एमपी कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा था, 'कांग्रेस को केवल मुस्लिम वोटों की जरूरत है. कमलनाथ जी आप अपना अली रखिए, हमारे लिए बजरंग बली काफी है.'
शहरों के नामों को लेकर भी योगी आदित्यनाथ विवादों में रहे हैं. राजस्थान के मकराना में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'कांग्रेस बांटने की राजनीति करती रही है, इसलिए उनके शासन में आंतकवाद चरम पर था. कभी कांग्रेस जिन आतंकियों को बिरयानी खिलाती थी, अब उन्हें हम लोग गोलियां खिला रहे हैं.

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