गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। गंभीर स्थिति में उन्हें अब शहर के पांच निजी अस्पतालों में भी प्रसव की निशुल्क सुविधा मिलेगी।
खर्च का भुगतान स्वास्थ्य विभाग करेगा। शुक्रवार को सचिव स्वास्थ्य और सीएमआई, श्री महंत इंदिरेश, मैक्स, सिनर्जी, कैलाश हॉस्पिटल संचालकों की बैठक में इस पर सहमति बन गई है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय में सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा ने विभागीय अधिकारियों, आईएमए पदाधिकारियों और निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक हुई। इसमें सहमति बनी कि शहर के बड़े निजी अस्पतालों को भी अटल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध किया जाए। निर्णय लिया गया कि दून महिला एवं अन्य सभी सरकारी अस्पतालों से प्रसव संबंधित जिन मरीजों को रेफर किया जाएगा उन्हें सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ही रेफर किया जाए।इस पर बैठक में उपस्थित सीएमआई, श्री महंत इंदिरेश, मैक्स, सिनर्जी, कैलाश अस्पताल के संचालकों ने इलाज करने में अपनी सहमति दी। नितेश कुमार झा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव संबंधी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन आवश्यकता से कम बेड उपलब्ध होने और अन्य दिक्कतों के कारण कई बार इलाज को लेकर असुविधा हो जाती है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय में सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा ने विभागीय अधिकारियों, आईएमए पदाधिकारियों और निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक हुई। इसमें सहमति बनी कि शहर के बड़े निजी अस्पतालों को भी अटल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध किया जाए। निर्णय लिया गया कि दून महिला एवं अन्य सभी सरकारी अस्पतालों से प्रसव संबंधित जिन मरीजों को रेफर किया जाएगा उन्हें सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ही रेफर किया जाए।इस पर बैठक में उपस्थित सीएमआई, श्री महंत इंदिरेश, मैक्स, सिनर्जी, कैलाश अस्पताल के संचालकों ने इलाज करने में अपनी सहमति दी। नितेश कुमार झा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव संबंधी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन आवश्यकता से कम बेड उपलब्ध होने और अन्य दिक्कतों के कारण कई बार इलाज को लेकर असुविधा हो जाती है।

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