लोक जनशक्ति पार्टी ने दिया बीजेपी को सात दिन का अल्टीमेटम.
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले एनडीए के घटल दलों के बीच हो रहे मनमुटाव सामने आने लगा है. लोक जनशक्ति पार्टी के नेता ने बीजेपी को अल्टीमेटम देते हुए किसान और गरीबों के लिए कुछ करने को कहा है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार अगले सप्ताह के भीतर कोई फैसला नहीं लेती है तो उनकी पार्टी एनडीए से अलग होने पर विचार करेगी. पार्टी से चिराग पासवान ने जो ट्वीट किया है वह सोच समझकर किया गया है. और बोलै है की वे पार्टी से अलग होने पर विचार करेगी.
मुद्दा यह है कि वह जनता के बीच सरकार की कौन सी उपलब्धि गिनाए ये समझ नहीं आ रहा है. ध्यान हो कि बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक बीजेपी ने अपनी स्थिति साफ नहीं की है. और इसे भी एक वजह बताते हुए बिहार में एनडीए के सहयोगी रहे उपेंद्र कुशवाहा ने कुछ दिन पहले ही एनडीए से अलग होने का ऐलान किया था.पासवान ने कहा था कि मेरा मानना है कि राहुल गांधी को इस पर ज्यादा उत्साहित होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि सत्ता विरोधी लहर होने के बावजूद कांग्रेस को इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी और उन्होंने बहुत कम अंतर से जीत हासिल करके सरकार बनाई है. इससे पहले ट्वीट करके चिराग पासवान ने भाजपा को चेताया था. उन्होंने ट्वीट किया था कि टीडीपी और रालोसपा के जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है. ऐसे समय में बीजेपी गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को दूर करें.बीजेपी ने अभी तक किसान और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया है.
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले एनडीए के घटल दलों के बीच हो रहे मनमुटाव सामने आने लगा है. लोक जनशक्ति पार्टी के नेता ने बीजेपी को अल्टीमेटम देते हुए किसान और गरीबों के लिए कुछ करने को कहा है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार अगले सप्ताह के भीतर कोई फैसला नहीं लेती है तो उनकी पार्टी एनडीए से अलग होने पर विचार करेगी. पार्टी से चिराग पासवान ने जो ट्वीट किया है वह सोच समझकर किया गया है. और बोलै है की वे पार्टी से अलग होने पर विचार करेगी.
मुद्दा यह है कि वह जनता के बीच सरकार की कौन सी उपलब्धि गिनाए ये समझ नहीं आ रहा है. ध्यान हो कि बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक बीजेपी ने अपनी स्थिति साफ नहीं की है. और इसे भी एक वजह बताते हुए बिहार में एनडीए के सहयोगी रहे उपेंद्र कुशवाहा ने कुछ दिन पहले ही एनडीए से अलग होने का ऐलान किया था.पासवान ने कहा था कि मेरा मानना है कि राहुल गांधी को इस पर ज्यादा उत्साहित होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि सत्ता विरोधी लहर होने के बावजूद कांग्रेस को इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी और उन्होंने बहुत कम अंतर से जीत हासिल करके सरकार बनाई है. इससे पहले ट्वीट करके चिराग पासवान ने भाजपा को चेताया था. उन्होंने ट्वीट किया था कि टीडीपी और रालोसपा के जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है. ऐसे समय में बीजेपी गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को दूर करें.बीजेपी ने अभी तक किसान और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया है.

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