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Thursday, January 31, 2019

जांच रिपोर्ट में दोषी पाई गईं चंदा कोचर, किया बैंक की आचार संहिता का उल्लंघन

जांच रिपोर्ट में दोषी पाई गईं चंदा कोचर, किया बैंक की आचार संहिता का उल्लंघन.

(Chanda Kochhar, found guilty in the investigation report, violated the Code of Conduct of the Bank)
चंदा कोचर के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही जस्टिस बी.एन. श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट आ गई है. समिति ने अपनी जांच में पाया कि वीडियोकोन को कर्ज देने के मामले में कोचर ने बैंक की आचार संहिता का उल्लंघन किया है. कोचर की स्वीकृति पर इस कर्ज का कुछ हिस्सा उनके पति दीपक की मालिकाना हक वाली कंपनी को दिया गया था. बैंक का फैसला आने के बाद चंदा कोचर ने अपना बयान जारी किया है. उन्होंने कहा, 'मैं फैसले से काफी निराश और हैरान हूं. मुझे रिपोर्ट की कोई कॉपी भी नहीं दी गई. मैं दोहराना चाहती हूं कि कर्ज देने का कोई भी फैसला एकतरफा नहीं है. आईसीआईसीआई ऐसी संस्था है जिसकी मजबूत प्रक्रियाएं और प्रणालियां हैं. इसमें सामूहिक फैसले लिए जाते हैं और निर्णय लेने में कई उच्च क्षमता वाले पेशेवरों की भागीदारी होती है. चंदा कोचर ने आगे कहा, 'मैंने पिछले 34 साल में कठिन मेहनत और समर्पण के साथ आईसीआईसीआई की सेवा की है. संगठन के हित में कभी जरूरत पड़ी तो कड़े फैसले लेने में कभी नहीं हिचकी. बैंक के इस फैसले ने काफी दुख दिया है. मैंने ईमानदारी और गरिमा के साथ एक स्वतंत्र पेशेवर के तौर पर अपना करियर शुरू किया. मुझे पूर्ण विश्वास है कि एक न एक दिन सच की जीत होगी. जब मैंने कुछ गलत किया ही नहीं है.इससे पहले 24 जनवरी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वीडियोकॉन ग्रुप और आईसीआईसीआई बैंक से जुड़े 3,250 करोड़ रुपए के कर्ज मामले में चार कंपनियों के अलावा, चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और उद्योगपति वी.एन. धूत के खिलाफ मामला दर्ज किया. सीबीआई की एफआईआर में चंदा कोचर के 1 मई 2009 में पदभार संभालने के बाद से अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है. सीबीआई के एफआईआर के मुताबिक, "कर्ज गैर निष्पादित संपत्ति में बदल गए, जिस वजह से आईसीआईसी बैंक को गलत तरीके से हानि हुई और आरोपी/ऋण प्राप्तकर्ता को गलत तरीक से ऋण की प्राप्ति हुई. इसके अलावा ऋण स्वीकृति समिति में शामिल आईसीआईसीआई बैंके के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी जांच की जा सकती है.

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