अब आसानी से पहचान सकेंगे नकली दवाई, 1 अप्रैल 2020 से लागू होगा नियम.
(Fake medicines will now be easily identified, the rules will be applicable from 1 April 2020)असली और नकली दवाइयों की पहचान अब आसानी से ही सकती है. फार्मास्यूटिकल विभाग ने सभी दवाओं पर अनिवार्य QR कोड लगाने के निर्देश जारी किये है. सरकारी अस्पतालों, जन औषिधि स्टोर पर सप्लाई की जाने वाली दवाइयों पर 1 अप्रैल 2019 से QR कोड अनिवार्य होगा जबकि बाजार में बिकने वाले दवाइयों के लिए QR कोड 1 अप्रैल 2020 से लागू हो जायगा.
बंद होंगी नकली दवाई:-
दवा कंपनियों को दवाइयों पर QR कोड देना अनिवार्य होगा. इससे असली और नकली दवा की पहचान करने में आसानी होगी. 1 अप्रैल 2019 से नए नियम लागू होंगे. सरकारी अस्पतालों और जनऔषधि स्टोर पर बिकने वाली दवाओं पर नियम लागू होगा.
मोबाइल से स्कैन कर मिलेगी पूरी जानकारी:-
QR कोड में दवा की पूरी जानकारी छिपी होगी. बैंच नंबर, सॉल्ट, कीमत की जानकारी मिलेगी. मोबाइल से QR कोड स्केन करने पर दवा की पूरी जानकारी मिलेगी. यह नियम 1 अप्रैल 2020 से लागू हो जायगा.
भारत में 10 में से 1 दवा नकली भारत नकली दवाओं का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. भारत में 25 फीसदी नकली दवाई मिलती है.
मोबाइल से स्कैन कर मिलेगी पूरी जानकारी:-
QR कोड में दवा की पूरी जानकारी छिपी होगी. बैंच नंबर, सॉल्ट, कीमत की जानकारी मिलेगी. मोबाइल से QR कोड स्केन करने पर दवा की पूरी जानकारी मिलेगी. यह नियम 1 अप्रैल 2020 से लागू हो जायगा.
भारत में 10 में से 1 दवा नकली भारत नकली दवाओं का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. भारत में 25 फीसदी नकली दवाई मिलती है.

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