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Sunday, March 24, 2019

राहुल गांधी पहली बार दो सीटों से लड़ सकते है चुनाव, जानिए कौन सी है वो दो सीट

राहुल गांधी पहली बार दो सीटों से लड़ सकते है चुनाव, जानिए कौन सी है वो दो सीट.

(Rahul Gandhi can fight with two seats for the first time, know who is the two seats)
राहुल गांधी दो सीटों से लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं. राहुल गांधी अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से तो चुनाव लड़ेंगे ही, एक और सीट से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा है. और यह सीट है केरल की वायनाड सीट. केरल कांग्रेस ने राहुल से वायनाड सीट से चुनाव लड़ने की गुजारिश की थी. राहुल के केरल से चुनाव लड़ने की चर्चा ने उस समय जोर पकड़ा जब AICC के जनरल सेक्रेटरी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने शनिवार को कहा कि हमने राहुल गांधी से केरल की वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है. हमें उम्मीद है कि इस बारे में राहुल का फैसला सकारात्मक होगा.
क्या हैं दो सीटों से लड़ने के मायने:-
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी यूपी की अमेठी सीट से 2004 से चुनाव लड़ते आ रहे हैं. वह तीन बार यहां से चुनाव जीत चुके हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी बीजेपी की तरफ से स्मृति ईरानी मैदान में हैं, वहीं सपा-बसपा और आरएलडी के गठबंधन ने इस सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है. भले ही ईरानी पिछली बार यहां से चुनाव हार गई थीं. लेकिन वह लगातार पिछले पांच सालों से अमेठी में एक्टिव हैं. ईरानी के साथ-साथ पीएम मोदी ने भी कई बार अमेठी का दौरा किया और कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. बीजेपी का दावा है कि पिछले पांच सालों में मोदी सरकार ने अमेठी के लिए जितना किया है उतना राहुल गांधी ने पिछले 15 सालों में नहीं किया. यूपी में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अमेठी लोकसभा की 5 में से 4 सीटों पर जीत हासिल की थी. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार स्मृति ईरानी राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दे सकती है.
क्या है राहुल गाँधी का प्लान:-
दूसरी ओर कांग्रेस की नजर दक्षिण भारत के राज्यों पर है. पार्टी का मानना है कि राहुल गांधी अगर दक्षिण भारत की किसी सीट से चुनाव लड़ते हैं तो आसपास की सीटों पर भी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनेगा. हिन्दीभाषी राज्यों में कमजोर दिख रही कांग्रेस को दक्षिण से उम्मीदें हैं. इसी रणनीति के तहत राहुल को दक्षिण भारत की सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा रहा है. राहुल गांधी अगर दो सीटों से चुनाव लड़ते हैं तो यह पहली बार होगा जब वह दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे.
क्या है वायनाड सीट का इतिहास:-
परिसीमन के बाद यह सीट 2009 में अस्तित्व में आई थी. वायनाड लोकसभा क्षेत्र के तहत 7 विधानसभा सीटे हैं. 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सीपीआई को हरा कर चुनाव जीता था. इस सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. पहले इस सीट से टी सिद्दकी का नाम आ रहा था. कांग्रेस राज्य में 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उसने 14 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है लेकिन दो सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है. इन दो सीटों में वायनाड सीट भी है. राहुल गांधी के दो सीटों पर चुनाव लड़ने की खबर आते ही ट्विटर पर #RahulGandhiFattuHai और #FattuPappu ट्रेंड करने लगा और लोगों ने राहुल गांधी के मजे लेने शुरू कर दिए है.

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