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Tuesday, April 09, 2019

मायावती अपनी डूबती नैया को बचाने के लिए ले रही है मुसलमानों का सहारा

मायावती अपनी डूबती नैया को बचाने के लिए ले रही है मुसलमानों का सहारा.

(mayawati is taking support to save her drowning naiya muslims)
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा हमला बोला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लगातार हार के बाद मायावती हताश हो गई हैं. मायावप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लगातार हार के बाद इसी तरह की बातें होती हैं. मायवती की मजबूरी है, अगर उन्हें कैसे भी बचना है तो इधर-उधर करके वोट मांगती रहेंगी.


कहां छिप गए सेक्युलर झंडा लेकर घूमने वाले:-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'मेरी चिंता देश में 24 घंटे सेक्युलर झंडा लेकर घूमने वालों से है. उनके मुंह पर ताला क्यों लग गया है. अगर ऐसी ही बात किसी ने हिंदू समाज के लिए बोल दी होती, तो न जाने देश में कितनी उठापटक हो जाती. कितने अवॉर्ड वापसी वाले निकल आते? कितने हस्ताक्षर अभियान शुरू हो जाते.
पीएम मोदी ने सवाल किया कि अब ये जमात चुप क्यों है? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये जमात देश के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि ऐसी जमात को एक्सपोज करने की जरूरत है. इससे उनके सेक्युलरिज्म को कोई चोट नहीं पहुंचती. अब वे चुप क्यों है. अब क्यों मुंह पर ताला लगाए बैठे है.


मायावती ने की मुसलमानों से अपील:-
सपा-बसपा और आरएलडी की गठबंधन रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला था. मायावती ने कहा था कि कांग्रेस मानकर चल रही है हम जीतें या न जीतें, गठबंधन नहीं जीतना चाहिए. मायावती ने रैली में कहा, मैं मुस्लिम समाज को कहना चाहती हूं कि अगर बीजेपी को हराना है तो भावनाओं में बहकर वोट को बांटे नहीं है. बल्कि अपने वोट का सही इस्तेमाल करे.


चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान:-
बीएसपी अध्यक्ष मायावती के इस बयान से सियासी घमासान छिड़ गया था. इसके बाद चुनाव आयोग ने सोमवार को सहारनपुर के डीएम से रिपोर्ट मांगी थी. इस रिपोर्ट के आधार पर ये देखा जाएगा कि मायावती का बयान कहीं आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं है. आपको बता दें कि आदर्श आचार संहिता के अनुसार, 'जाति और धार्मिक आधार पर वोट की अपील नहीं की जा सकती है.

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