उनका इस्तीफा राष्ट्रपति ने उसी दिन स्वीकार भी कर लिया . मगर एक दिन बाद भी एमजे अकबर हकीकत में नहीं मगर आभासी दुनिया और मंत्रियों की सूची में विदेश राज्यमंत्री बने बैठे हैं. वहीं, भारत सरकार की वेबसाइट पर मंत्रियों की सूची से उनका विवरण नहीं हटाया गया.
खबर लिखे जाने के वक्त दोपहर एक बजे तक एमजे अकबर के ट्विटर एकाउंट @mjakbar पर उनकी प्रोफाइल में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री( Minister of State for External Affairs, Govt of India) दर्ज रहा. जबकि उससे 19 घंटे पहले इसी अकाउंट पर उन्होंने अपना इस्तीफे से जुड़ी सूचना भी दे रखी है. उधर जब https://www.india.gov.in वेबसाइट पर हमने मंत्रियों की सूची चेक की तो वह भी अपडेट नहीं मिली. मंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार होने के घंटों बाद भी उनका नाम नहीं हटाया गया था.#MeToo कैपिन में यौन शोषण का आरोप लगने के बाद एमजे अकबर ने इस्तीफे दिया उन्होंने कहा कि, 'चूंकि मैंने निजी तौर पर कानून की अदालत में न्याय पाने का फैसला किया है, इसलिए मुझे यह उचित लगा कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूं.' एमजे अकबर ने बयान जारी करके कहा कि मैंने निजी तौर पर अदालत में न्याय पाने का फ़ैसला किया है, मुझे यह उचित लगा कि पद छोड़ दूं और अपने ऊपर लगे झूठे इल्ज़ामों का निजी स्तर पर ही जवाब दूं. इसलिए मैंने विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया है.
https://www.india.gov.in वेबसाइट पर मंत्रियों की सूची में इस्तीफे के बाद भी दर्ज है एमजे अकबर का नाम
प्रिया रमानी ने अकबर के इस्तीफ़े का स्वागत करते हुए कहा कि महिला होने के नाते, अकबर के इस्तीफ़े से, हमें लगता है, हमारा पक्ष सही साबित हुआ. अब मुझे उस दिन का इंतज़ार है जब मुझे भी अदालत से इंसाफ़ मिलेगा. महिला पत्रकार प्रिया रमानी ने ही अकबर के खिलाफ सबसे पहले यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी. बता दें कि एमजे अकबर ने भी प्रिया रमानी के ख़िलाफ़ मानहानि का केस किया है. इस मामले में गुरुवार को सुनवाई होगी .
राष्ट्रीय महिला आयोग ने अकबर के इस्तीफे का स्वागत किया है. महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि सरकार ने महिलाओं की आवाज सुनी. मुझे उम्मीद थी. इस्तीफे में इतने समय तक देरी के लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए. इस्तीफे का क्रेडिट न तो अकबर को जाना चाहिए और नहीं केंद्र सरकार को, क्योंकि यह इस्तीफा मीटू अभियान के दबाव के बाद हुआ है.
https://www.india.gov.in वेबसाइट पर मंत्रियों की सूची में इस्तीफे के बाद भी दर्ज है एमजे अकबर का नाम
प्रिया रमानी ने अकबर के इस्तीफ़े का स्वागत करते हुए कहा कि महिला होने के नाते, अकबर के इस्तीफ़े से, हमें लगता है, हमारा पक्ष सही साबित हुआ. अब मुझे उस दिन का इंतज़ार है जब मुझे भी अदालत से इंसाफ़ मिलेगा. महिला पत्रकार प्रिया रमानी ने ही अकबर के खिलाफ सबसे पहले यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी. बता दें कि एमजे अकबर ने भी प्रिया रमानी के ख़िलाफ़ मानहानि का केस किया है. इस मामले में गुरुवार को सुनवाई होगी .
राष्ट्रीय महिला आयोग ने अकबर के इस्तीफे का स्वागत किया है. महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि सरकार ने महिलाओं की आवाज सुनी. मुझे उम्मीद थी. इस्तीफे में इतने समय तक देरी के लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए. इस्तीफे का क्रेडिट न तो अकबर को जाना चाहिए और नहीं केंद्र सरकार को, क्योंकि यह इस्तीफा मीटू अभियान के दबाव के बाद हुआ है.

No comments:
Post a Comment