ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूएई में खेली जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज में अब्बास, कंगारू बल्लेबाजों के लिए मुश्किले बढ़ी हैं. अबूधाबी में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में अब्बास ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को 145 रन के छोटे स्कोर पर समेटने में अग्रणी भूमिका निभाई. उन्होंने 33 रन देकर पांच विकेट लिए और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़कर रख दी.
इससे पहले सीरीज के अंतर्गत दुबई में खेले गए पहले टेस्ट में भी अब्बास ने सात विकेट हासिल किए थे. 28 वर्षीय अब्बास ने अपने 10वें टेस्ट में ही 50 विकेट पूरे करके खुद को ऐसे गेंदबाज के रूप में पेश किया है जिससे पाकिस्तान भविष्य में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर सकता है. अच्छी बात यह है कि 10 मार्च 1990 को सियालकोट में जन्मे अब्बास ने क्रिकेट खेलना देर से शुरू किया था. क्रिकेट खेलने से पहले उन्होंने वेल्डिंग का काम भी किया. उन्होंने एक लेदर फैक्टरी में करने के अलावा कोर्ट में भी काम किया .
अब्बास ने बताया, क्रिकेट से पहले मेरी जिंदगी चुनौतियों से भरी हुई थी लेकिन इस संघर्ष ने मुझे क्रिकेट में मदद की. जब मैं खेल की दुनिया में आया तो अनेक परेशानियों का सामना करने के लिहाज से परिपक्व हो चुका था.जब मैं काम कर रहा था तभी मेरा चयन जिला अंडर-19 क्रिकेट में हो गया. मुझसे कहा गया कि आपको कोर्ट के काम और क्रिकेट में से एक का चुनाव करना होगा. मैं उस रात को भूल नहीं सकता लेकिन मेरे एक दोस्त ने ऐसी व्यवस्था की जिसके कारण कोर्ट और क्रिकेट दोनों साथ-साथ चलते रहे.
अब्बास के अनुसार, 'टीम को मेरे और सेक्रेटरी के पुत्र में से किसी एक का चयन करना था. टॉस के जरिये फैसला किया गया और यह मेरे पक्ष में आया. मैंने मैच में 5 विकेट हासिल किए.' उन्होंने बताया कि इसके बाद मैं क्षेत्रीय अकादमी के लिए चुन लिया गया. और मुझे सफलता मिली .
अब्बास पाकिस्तान के सियालकोट क्षेत्र से आते हैं. यहां से आठ क्रिकेटर अब तक पाकिस्तान के लिए टेस्ट खेल चुके हैं लेकिन तेज गेंदबाज के तौर पर टीम में जगह बनाने वाले वे अकेले खिलाड़ी हैं. अब्बास की गेंदबाजी की तुलना मोहम्मद आसिफ से की जाती है. आसिफ की ही तरह अब्बास भी अपनी स्विंग से बल्लेबाजों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं. पाकिस्तान के लिए इस गेंदबाज ने कहा, 'मैंने मोहम्मद आसिफ के साथ दो साल तक ग्रेड-2 क्रिकेट खेला है. हम दोनों गेंदबाजी के बारे में आपस में काफी बात करते थे. उनसे मुझे काफी कुछ सीखने को मिला.
अब्बास ने बताया, क्रिकेट से पहले मेरी जिंदगी चुनौतियों से भरी हुई थी लेकिन इस संघर्ष ने मुझे क्रिकेट में मदद की. जब मैं खेल की दुनिया में आया तो अनेक परेशानियों का सामना करने के लिहाज से परिपक्व हो चुका था.जब मैं काम कर रहा था तभी मेरा चयन जिला अंडर-19 क्रिकेट में हो गया. मुझसे कहा गया कि आपको कोर्ट के काम और क्रिकेट में से एक का चुनाव करना होगा. मैं उस रात को भूल नहीं सकता लेकिन मेरे एक दोस्त ने ऐसी व्यवस्था की जिसके कारण कोर्ट और क्रिकेट दोनों साथ-साथ चलते रहे.
अब्बास के अनुसार, 'टीम को मेरे और सेक्रेटरी के पुत्र में से किसी एक का चयन करना था. टॉस के जरिये फैसला किया गया और यह मेरे पक्ष में आया. मैंने मैच में 5 विकेट हासिल किए.' उन्होंने बताया कि इसके बाद मैं क्षेत्रीय अकादमी के लिए चुन लिया गया. और मुझे सफलता मिली .
अब्बास पाकिस्तान के सियालकोट क्षेत्र से आते हैं. यहां से आठ क्रिकेटर अब तक पाकिस्तान के लिए टेस्ट खेल चुके हैं लेकिन तेज गेंदबाज के तौर पर टीम में जगह बनाने वाले वे अकेले खिलाड़ी हैं. अब्बास की गेंदबाजी की तुलना मोहम्मद आसिफ से की जाती है. आसिफ की ही तरह अब्बास भी अपनी स्विंग से बल्लेबाजों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं. पाकिस्तान के लिए इस गेंदबाज ने कहा, 'मैंने मोहम्मद आसिफ के साथ दो साल तक ग्रेड-2 क्रिकेट खेला है. हम दोनों गेंदबाजी के बारे में आपस में काफी बात करते थे. उनसे मुझे काफी कुछ सीखने को मिला.

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