आधार नंबर के जरिए आपने नया नंबर लिया है या फिर अपने पुराने नंबर पर ही आधार की जानकारी अपडेट कराई है। अब उसी आधार की वजह से अब आपका नंबर बंद हो सकता है। ये नया खतरा आधार से जुड़ी केवाईसी को लेकर है।
जिन ग्राहकों ने मोबाइल कनेक्शन लेते वक्त टेलीकॉम कंपनियों को आधार के साथ कोई अन्य दस्तावेज नहीं दिया है, उनका नंबर बंद हो सकता है। ऐसे में टेलीकॉम कंपनियों को यूजर्स के आधार डेटा हटाने होंगे। बताया जा रहा है कि दूसरा कोई वैध डॉक्यूमेंट जमा न कराने पर आधार हटने के साथ ही मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा। हालांकि कोई बीच का रास्ता निकालने के लिए टेलीकॉम विभाग आधार प्राधिकरण और मोबाइल कंपनियों से बातचीत कर रही है। बताया जा रहा है कि इसी कड़ी में टेलीकॉम सचिव अरुणा सुंदरराजन ने बुधवार को मोबाइल कंपनियों से मुलाकात की। सुंदरराजन के मुताबिक सरकार का मसकद 'यूजर्स को कम से कम परेशानी के साथ मामला निपट जाए।
रिलायंस जियो ने आधार के तहत सबसे ज्यादा नंबर बांटे हैं क्योंकि इसका पूरा डेटाबेस और नेटवर्क ऑपरेशन बायोमिट्रिक पहचान पर आधारित है। इस साल के सितंबर महीने तक जियो के 25 करोड़ यूजर्स बन चुके हैं, जैसा कि कंपनी ने बुधवार को ऐलान किया। इसे देखते हुए आधार की सबसे बड़ी चुनौती जियो के समक्ष है। जियो के अलावा भारती एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल और एमटीएनएल के सामने भी कुछ ऐसा ही खतरा उत्पन्न हो गया है।
जिन ग्राहकों ने मोबाइल कनेक्शन लेते वक्त टेलीकॉम कंपनियों को आधार के साथ कोई अन्य दस्तावेज नहीं दिया है, उनका नंबर बंद हो सकता है। ऐसे में टेलीकॉम कंपनियों को यूजर्स के आधार डेटा हटाने होंगे। बताया जा रहा है कि दूसरा कोई वैध डॉक्यूमेंट जमा न कराने पर आधार हटने के साथ ही मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा। हालांकि कोई बीच का रास्ता निकालने के लिए टेलीकॉम विभाग आधार प्राधिकरण और मोबाइल कंपनियों से बातचीत कर रही है। बताया जा रहा है कि इसी कड़ी में टेलीकॉम सचिव अरुणा सुंदरराजन ने बुधवार को मोबाइल कंपनियों से मुलाकात की। सुंदरराजन के मुताबिक सरकार का मसकद 'यूजर्स को कम से कम परेशानी के साथ मामला निपट जाए।
रिलायंस जियो ने आधार के तहत सबसे ज्यादा नंबर बांटे हैं क्योंकि इसका पूरा डेटाबेस और नेटवर्क ऑपरेशन बायोमिट्रिक पहचान पर आधारित है। इस साल के सितंबर महीने तक जियो के 25 करोड़ यूजर्स बन चुके हैं, जैसा कि कंपनी ने बुधवार को ऐलान किया। इसे देखते हुए आधार की सबसे बड़ी चुनौती जियो के समक्ष है। जियो के अलावा भारती एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल और एमटीएनएल के सामने भी कुछ ऐसा ही खतरा उत्पन्न हो गया है।

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