हिरासत में लिए गए केरल बीजेपी के महासचिव के. सुरेन्द्रन को रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उन पर गैर जमानती अपराधों के आरोप लगाए गए हैं.
पूजन सामग्री लेकर जा रहे सुरेन्द्रन को शनिवार की रात को निलक्कल से हिरासत में लिया गया था. वह दो अन्य लोगों के साथ सबरीमला स्थित मंदिर जा रहे थे. पुलिस अधीक्षक यतीश चंद्रा ने सुरेन्द्रन को सबरीमला की ओर न जाने के लिए कहा था लेकिन वह रुके नहीं. उन्हें शनिवार की रात को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया और चित्तर पुलिस थाने लाया गया.
सुरेन्द्रन को रविवार तड़के पत्तनमतिट्टा जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के समक्ष उनके घर पर उन्हें पेश किया गया. मजिस्ट्रेट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पुलिस ने सुरेन्द्रन के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 और 34 के तहत मामले दर्ज किए हैं.
सुरेन्द्रन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें पानी, भोजन और दवाएं नहीं दी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और राज्य सरकार की प्रतिशोध की कार्रवाई है. बीजेपी नेताओं और अन्यों को पुलिस थाने लाने के तुरंत बाद शनिवार रात बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी चित्तर पुलिस थाने के सामने इकट्ठा हो गए.
केरल में शनिवार को हिंदू एक्यावेदी अध्यक्ष पी के शशिकला की गिरफ्तारी के खिलाफ 12 घंटे की हड़ताल बुलाई की गई थी.

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