कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इनकार किया है. उन्होंने कहा, 'मुझे मुख्यमंत्री बनने की भूख नहीं है. मुझे भूख है. मध्य प्रदेश का भविष्य सुरक्षित रहे.
कमलनाथ ने इसके साथ ही कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आयी और अध्यक्ष राहुल गांधी कहेंगे कि ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें, तो वो ज़रूर बनेंगे. हम सिंधिया के साथ मिलकर काम करेंगे.कमलनाथ ने कहा ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेश में शिवराज सरकार से हर वर्ग परेशान है. किसान, महिलाएं, युवा सब दुखी हैं. मध्य प्रदेश महिला विरोधी अपराध, कुपोषण, किसान आत्महत्या सबमे सबसे आगे है. शिवराज बताएं छिंदवाड़ा में कितने लोगों का भला किया. पर्दे के पीछे से, गुमराह करने से कोई विकास नहीं होता. उसका नक्शा होता है, हमें उस पर चलना होता है. कमलनाथ ने दावे से कहा, हम तो मध्य प्रदेश में लैंड कर चुके हैं और अब हमारी ही सरकार मध्य प्रदेश में बनेगी.
कमलनाथ ने कहा हमारे पास बीजेपी से ज़्यादा निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और हम उनके दम पर मध्य प्रदेश में सरकार बनाएंगे. हमारा मुक़ाबला बीजेपी के धनबल से है.वचन पत्र में संघ के मुद्दे को लेकर घिरे कमलनाथ ने कहा कि आरएसएस पर बैन लगाने की ना तो हमारी मंशा है और ना ही हमारा मन है. धर्म पर राजनीति नहीं करेंगे. कमलनाथ ने इस बात को सिरे से खारिज किया कि कांग्रेस में पावर सेंटर गांधी परिवार है. उन्होंने कहा सोनिया गांधी ने 10 साल में कभी मेरे मंत्रालय के काम में हस्तक्षेप नहीं किया.

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