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Tuesday, January 22, 2019

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए दिल्ली सरकार एडवाइजरी जारी की, जाने स्वाइन फ्लू के लक्षण

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए दिल्ली सरकार एडवाइजरी जारी की, जाने स्वाइन फ्लू के लक्षण.

(Delhi Government Advisory Issue to Avoid Swine Flu, Symptoms of Swine Flu)
मौसमी इन्फ्लुएंजा एच1 एन1 (स्वाइन फ्लू) को लेकर दिल्ली सरकार की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है. स्वाइन फ्लू के कुछ मामले सामने आए हैं जिनके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय एलर्ट हो गया है.
स्वाइन फ्लू को लेकर सरकार ने लक्षणों की सूची जारी की है कि आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
मौसमी इन्फ्लुएंजा या स्वाइन फ्लू:-
एच1एन1 मौसमी इन्फ्लुएंजा एक प्रकार का स्वंय-सीमित वायरल रोग है यह श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जो ए टाइप के इनफ्लुएंजा वायरस से होती है. यह कण हवा के जरिए या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाते हैं. मसलन, दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी यह वायरस फैल सकते हैं, अगर इन चीजों का इस्तेमाल पहले किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा किया गया हो.

स्वाइन फ्लू के लक्षण:

बुख़ार और खांसी, गला ख़राब, नाक बहना या बंद होना, सांस लेने में तकलीफ़ एवं अन्य लक्षण जैसे बदन दर्द, सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी, बलगम में खून आना आदि भी हो सकते हैं.
माइल्ड स्वाइन फ़्लू के लक्षण (केटेगरी-A):-
बुखार, खांसी, सर्दी, शरीर में दर्द होना व थकान महसूस होना.माइल्ड स्वाइन फ़्लू का इलाज लक्षणों पर आधारित होता है. ऐसे लक्षणों में टेमीफ्लू दवा लेने की या जांच की जरूरत नहीं होती
.मॉडरेट स्वाइन फ़्लू के लक्षण (केटेगरी-B):-
तेज बुखार और गले में तेज दर्द होता है या मरीज में माइल्ड स्वाइन फ्लू के लक्षणों के साथ, निम्नलिखित हाई रिस्क कंडीशन है तो रोगी को स्वाइन फ्लू की दवा टैमीफ्लू दी जाती है.
गर्भवती महिलायें65 साल या उससे अधिक उम्र के व्यक्तिफेफड़े कि बीमारी, दिल की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, मधुमेह रोग, कैंसर इत्यादि से ग्रसित व्यक्ति.
गंभीर स्वाइन फ़्लू के लक्षण (केटेगरी-C):-
सांस लेने में दिक्कतछाती में तेज दर्द
ब्लड प्रेशर कम होनाबलगम में खून आनानाखून नीले पड़ जानाइस श्रेणी से संबंधित सभी रोगियों को अस्पताल में भर्ती करना चाहिये व रोगी को अलग से रखा जाता है, रोगी की सभी जरुरी जांच भी की जाती है.

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