केंद्र सरकार ने लिया जम्मू कश्मीर में तैनात अर्द्धसैनिक बल के जवानों के जोखिम और कठिनाई भत्ता बढ़ाने का फैसला.
(Central government took decision to increase the risks and difficulty allowance of paramilitary forces personnel posted in Jammu and Kashmir)जम्मू कश्मीर में तैनात अर्द्धसैनिक बल के जवानों के जोखिम और कठिनाई भत्ते को सरकार ने बढ़ा दिया है. निचले स्तर के अधिकारियों का भत्ता विशेष लाभ के साथ हर महीने 7,600 रुपये और उच्च अधिकारियों का भत्ता 8,100 रुपये तक बढ़ा दिया गया है.
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) या अर्द्धसैनिक बल के जवानों के लिए जोखिम और कठिनाई भत्ते को बढ़ा दिया गया है.इंस्पेक्टर रैंक तक के जवानों के लिए भत्ते को 9,700 रुपये से बढ़ाकर 17,300 रुपये कर दिया गया है. जबकि अधिकारियों का भत्ता 16,900 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है.साल 2017 में सीएपीएफ में जोखिम और कठिनाई भत्ते के मामले को देखने और समीक्षा करने के लिए केन्द्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया था. लेकिन पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सात दिनों के भीतर ही भत्ता बढ़ा दिया है.
ज्यादातर क्षेत्रों में कोई बदलाव नहीं हुआ है जहां अर्द्धसैनिक बल तैनात है लेकिन जम्मू और कश्मीर में नए जिलों को जोड़ा गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास जम्मू में कुछ क्षेत्रों को छोड़कर लगभग पूरे राज्य को कवर किया जा सके. हालांकि, जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पड़ने वाले क्षेत्र इसमें शामिल हैं. और इसमें नक्सल प्रभावित जिलों को भी शामिल किया गया है.

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