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12.3.19

नृपेंद्र मिश्रा के बेटे लड़ सकते हैं चुनाव साकेत मिश्रा जिन्होंने आई आई एम ग्रेजुएट आई पी एस छोड़ शुरू की थी बैंक की नौकरी

नृपेंद्र मिश्रा के बेटे लड़ सकते हैं चुनाव साकेत मिश्रा जिन्होंने आई आई एम ग्रेजुएट आई पी एस  छोड़ शुरू की थी बैंक की नौकरी

Nripendra Mishra's son can fight elections Saketh Mishra who started IIM graduate IPS, started the bank job
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के बेटे साकेत मिश्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के बेटे साकेत मिश्रा उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव  लड़ सकते हैं| सेंट स्टीफेंस से अर्थशास्त्र में स्नातक साकेत मिश्रा ने आईआईएम कलकत्ता से एमबीए किया|फिर 1994 में आई पी एस भी बने लेकिन फिरआई पी एस की नौकरी छोड़कर डचे बैंक में नौकरी शुरू कर दी| बीते 16 साल तक कई अन्तर्राष्ट्रीय बैंकों में अच्छे पदों पर रहने के बाद साकेत मिश्रा अब राजनीति के जरिए समाज सेवा करना चाहते हैं|फिलहाल वे बीते दो महीनों में करीब साठ सभा करके श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र में भ्रमण रहेहैं| एनडीटीवीसे बात करते हुए साकेत मिश्रा ने कहा कि श्रावस्ती बहुत पिछड़ा इलाका है| यहां कि मुख्य समस्या गरीबी और लोग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है|
उन्होंने कई छोटी सभाएं करके लोगों की समस्याएं जानी है|ओडिशा की पुरी सीट से पीएम मोदी नहीं BJP का ये चेहरा उतर सकता है
मैदान मेश्रावस्ती से लड़ सकते हैं चुनावसाकेत मिश्रा के श्रावस्ती से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हैं| यहां से बीजेपी के सांसद ददन मिश्रा हैं| एनडीटीवी से साकेत मिश्रा ने बताया कि उनका ननिहाल श्रावस्ती में है और बचपन में उनका काफी वक्त श्रावस्ती में बीता है| इसीलिए इस इलाके से उन्हें स्नेह है बीजेपी से अगर निर्देश मिलेंगे तो वो इस क्षेत्र की सेवा करेंगे| कुल मिलाकर संकेत साफ है कि यूपी में बीजेपी के कई निवर्तमान सांसदों के टिकट कटने के आसार हैं| टिकट कटने के उसी आसार पर नए प्रत्याशियों की निगाहें लगी है|
लोकसभा चुनाव से पहले नोटबंदी पर घिर सकती है मोदी  आर टी आई  से हुआ है बड़ा खुलासा
बता दें चुनाव आयोग ( द्वारा रविवार को बहुप्रतीक्षित 17वीं लोकसभा के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही देश में 11 अप्रैल से शुरु होने वाला चुनावी समर एक महीने से अधिक समय तक चलेगा. जिसमें एक ओर भाजपा फिर से सत्तारूढ़ होने का हरसंभव प्रयास करेगी वहीं विपक्षी दल एकजुट होकर मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने की भरसक कोशिश करेंगे आयोग ने लोकसभा और चार राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में विधानसभा के चुनाव का कार्यक्रम घोषित दिया है| इसके तहत सात चरणों में 11 अप्रैल से 19 मई तक होने वाले मतदान के बाद 23 मई को मतगणना होगी| बता दें, साल 2014 में 16वीं लोकसभा का चुनाव नौ चरण में कराया गया था|

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